BIHAR SIR : Supreme Court termed the Voter List Revision (SIR) in Bihar as voter-friendly
नई दिल्ली, 13 अगस्त 2025। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिहार में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को मतदाता-हितैषी बताते हुए कहा कि पहचान के लिए दस्तावेजों की संख्या बढ़ाकर 11 कर दी गई है, जिससे मतदाताओं को अधिक विकल्प मिलेंगे। अदालत ने आधार से जुड़ी आपत्तियों को खारिज किया और कहा कि दस्तावेज़ विस्तार प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाता है।
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग पर नागरिकता प्रमाण के मामले में रुख बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 के तहत आधार कार्ड अब भी मान्य दस्तावेज़ है और SIR प्रक्रिया 2003 के संसदीय चुनाव के बाद मतदाता सूची का पहला बड़ा पुनरीक्षण है।
चुनाव आयोग ने बिहार से शुरुआत करते हुए गैर-नागरिकों और अपात्र मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रक्रिया के तहत 2003 से सूची में शामिल न रहे मतदाताओं को जन्मस्थान का प्रमाण और नागरिकता का स्व-घोषणा पत्र जमा करना होगा।

