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बड़ी खबर: पुतिन इस्तेमाल कर सकते हैं परमाणु हथियार, तीसरे विश्वयुद्ध की कगार पर दुनिया, यूक्रेनी जनरल ने दी चेतावनी

नई दिल्ली : रूस और यूक्रेन की जंग 6 महीने बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। लेकिन अब इस लड़ाई के निर्णायक मोड़ पर ले जाने के लिए रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ भी कर सकते हैं। पुतिन के परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का स्पष्ट खतरा बरकरार है। यह चेतावनी यूक्रेन के एक शीर्ष जनरल ने दी है। जनरल वैलेरी ज़ालुज़्नीक ने कहा कि पुतिन का परमाणु हथियारों को इस्तेमाल करने का आदेश हमें तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर ले जाएगा। जनरल की चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब पुतिन की सेना युद्धभूमि में निराश हो चुकी है और हथियारों और सैनिकों की कमी से जूझ रही है।

पुतिन क्यों इस्तेमाल कर सकते हैं परमाणु हथियार?
रूस न सिर्फ यूक्रेन को हराने में नाकाम रहा है, बल्कि कड़े प्रतिरोध के चलते उसे कीव से पीछे हटकर पूर्वी क्षेत्र में सिमटना पड़ा है। ऐसे में यह खतरा बना हुआ है कि पुतिन युद्ध का रुख मोड़ने के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। मीडिया रिपोटर््स के अनुसार ज़ालुज़्नीक ने अपनी चिंताओं को जाहिर करने के लिए एक यूक्रेनी सांसद के एक लेख का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि रूसी सेना की तरफ से विशेष कंडिशन में परमाणु हथियार इस्तेमाल किए जाने का स्पष्ट खतरा है। परमाणु संघर्ष में दुनिया के अन्य देशों की सीधेतौर पर भागीदारी की संभावना को पूरी तरह से खारिज करना भी संभव नहीं है। जिसका मतलब है कि तीसरे विश्व युद्ध की संभावनाएं पहले से ही साफतौर पर दिखाई दे रही हैं।

पुतिन हारे तो इस्तेमाल कर सकते हैं परमाणु हथियार
जनरल ने कहा कि दुनिया के ताकतवर देशों खासकर पश्चिमी देशों को रूस को चेतावनी देने की आवश्यकता है। अगर परमाणु हथियारों का यूज रूस ने कर लिया तो उसे जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। रूस के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे को लेकर यूक्रेनी जनरल की चेतावनी रिटायर्ड ब्रिटिश जनरल सर रिचर्ड बैरोन्स की चेतावनी के बाद आई है। रिचर्ड ने आशंका जताई थी कि अगर पुतिन को यूक्रेन में ‘हार‘ का सामना करना पड़ा तो उनके परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की ‘संभावना‘ है।

यूक्रेन ने अपने क्षेत्र को लिया वापस
यूक्रेनी जनरल ने बताया कि जेलेंस्की की सेना ने पूर्व और दक्षिण में 270 वर्ग मील के अपने क्षेत्र पर दोबारा कब्जा कर लिया है। उन्होंने आगाह किया कि युद्ध के कई महीनों तक चलने की आशंका है।हालांकि रूस के कब्जे किए गए कई इलाकों पर यूक्रेन ने फिर कब्जा कर लिया है।

यूक्रेन की सेना ने यह भी कहा कि उसने रूसी पोंटून पुलों पर नए हमले शुरू किए, जो नीपर नदी के पार सैन्य मदद लाने के लिए खेरसॉन और उसके आस.पास के क्षेत्र में आपूर्ति करते थे। सेना की दक्षिणी कमान ने कहा कि यूक्रेन के तोप और रॉकेट हमलों ने नदी के उस पार के सभी पुलों को अनुपयोगी बना दिया है।

जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र आपात स्थिति में काम कर रहा
इस बीचए यूक्रेन.रूस युद्ध की चपेट में आया यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र उच्च जोखिम के मद्देनजर आपात स्थिति में काम कर रहा है। यूक्रेन के सरकारी परमाणु ऊर्जा ऑपरेटर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। छह.रिएक्टर वाला जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र फरवरी में शुरू हुए युद्ध की शुरुआत में रूसी सेना के नियंत्रण में आ गया था, लेकिन यूक्रेनी कर्मचारियों द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है। इस संयंत्र और आसपास के क्षेत्रों में बार.बार गोलाबारी हुई है और इसके लिए रूस और यूक्रेन एक.दूसरे की सेना पर दोष मढ़ते रहे हैं।

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