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बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ मिला सोने और हीरे का अपार भंडार, इन 7 जिलों में खनिज की पुष्टि

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार और तीन केंद्रीय संस्थानों ने बीते कुछ सालों में प्रदेश के 200 स्थानों में सर्वे किया. इसमें काफी मात्रा में खनिज मिला है. सर्वे रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में अपार सोने का भंडार मिला है. इसके साथ ही 108 क्षेत्रों में खनिज की पुष्टि हुई है. इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर हीरा, सोना, लीथियम और टिन सहित 10 से अधिक धातुओं के बड़े भंडार मिले हैं.

इन जिलों में मिले सोने और हीरे के भंडार
छत्तीसगढ़ में हीरे के पुराने चिन्हित क्षेत्र गरियाबंद के अलावा महासमुंद, जशपुर और जांजगीर-चांपा में अलग-अलग जगह हीरे की मौजूदगी प्रमाणित हुई है. इसके साथ ही सोने के छोटे-बड़े भंडार महासमुंद और जशपुर के अलावा कांकेर में मिले हैं.

छत्तीसगढ़ की लिए अच्छी खबर
प्रदेश में इतने मात्रा में खनिज और धातुओं का मिलना छत्तीसगढ़ के लिए अच्छी खबर है. इससे प्रदेश में आने वाले समय में राजस्व में बढ़ोत्तरी होगा. इससे प्रदेश के विकास में पंख लग जाएंगे. इस तरह से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार होगा.

सुकमा में मिला लीथियम का नया भंडार
सोने के छोटे-बड़े भंडारों का महासमुंद और जशपुर के अलावा कांकेर में भी पता चला है. सुकमा में लीथियम के भंडार की पुष्टि की गई है. इससे सरकारी तौर पर नई उम्मीद जगाई है, क्योंकि लीथियम का इस्तेमाल अभी मोबाइल तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बैटरियों में हो रहा है. आने वाले समय में प्रदेश को इसका काफी फायदा मिल सकता है.

जल्द शुरू होगी माइनिंग
प्रदेश के 53 विकासखंड में चालू वित्तीय साल में ही खनन के टेंडर या तो जारी कर दिए गए, या फिर होने वाले हैं. इनमें से 10 विकासखंड के लिए नोटिस इंवाइटिंग टेंडर भी जारी हो गए हैं. डायरेक्टर ऑफ जियोलॉजी एंड मांइनिंग छत्तीसगढ़ और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार 108 में से कई स्थानों पर जल्द खनन शुरू होगा, क्योंकि इनमें से 10 में नोटिस इन्वाइटिंग टेंडर (एनआईटी) जारी हो चुका है.

इन संस्थाओं ने किया सर्वे
डायरेक्टर ऑफ जियोलॉजी एंड मांइनिंग छत्तीसगढ़ (डीजीएम) / Director of Geology and Mining Chhattisgarh (DGM)
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) / Geological Survey of India (GSI)
मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी (एमईसीएल) / Mineral Exploration & Consultancy (MECL)
नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) / National Mineral Exploration Trust (NMET)

कैसे होती है खनन की प्रक्रिया
ऐसे ब्लॉक जिसमें लेवल ऑफ एक्सप्लोरेशन जी-1, 2 और 3 केटेगरी में हैं, उनमें सीधे माइनिंग की अनुमति होती है. जी-4 केटेगरी में कंपनी पहले सर्वे करेगी, फिर उसके नतीजे पर खनन होगा. ऑक्शन में कंपनियां शासन को प्रीमियम जमा करती हैं. इसके बाद कंपनी माइनिंग कर खनिज बेच सकते हैं. पूरी प्रक्रिया ग्लोबल है.

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