BASTAR OLYMPICS 2025 : Sports have changed the identity of Bastar, PM Modi said a big thing
रायपुर/बस्तर। बस्तर में शुरू हुआ बस्तर ओलंपिक 2025 अब सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और नई पहचान का बड़ा प्रतीक बन चुका है। 25 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए इस आयोजन में इस बार रिकॉर्ड 3,91,297 खिलाड़ी पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 2.27 लाख से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह पिछले साल के 1.65 लाख खिलाड़ियों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा बढ़ोतरी है, जो बताता है कि बस्तर अब ‘खेलों का नया हब’ बन चुका है।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि इस बार सरेंडर किए हुए नक्सली “युवा बाट” टीम के रूप में शामिल हुए हैं। हथियार छोड़कर मैदान में उतरे ये युवा अब गति, प्रतिभा और नई जिंदगी का संदेश दे रहे हैं। नक्सली हिंसा से प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी मैदान में दमखम दिखा रहे हैं, जिससे बस्तर ओलंपिक सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंडियन एक्सप्रेस के कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की सराहना की। उन्होंने कहा “एक समय पत्रकारों को बस्तर जाने से पहले अनुमति लेनी पड़ती थी, आज बस्तर खेलों की गूंज से देश भर में जाना जा रहा है।” पीएम मोदी ने इसे बस्तर के बदलते चेहरे और सकारात्मक माहौल का संकेत बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सिर्फ खेल नहीं, बल्कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का एक बड़ा अभियान है। सरेंडर नक्सलियों की भागीदारी यह संदेश देती है कि बस्तर अब हिंसा से आगे बढ़कर शांति, विकास और अवसरों की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
बस्तर ओलंपिक 2025 तीन चरणों में आयोजित हो रहा है –
ब्लॉक स्तर: 25 अक्टूबर–5 नवंबर
जिला स्तर: 6-15 नवंबर
संभाग स्तर: 24-30 नवंबर
इसमें बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कुल 11 खेल तीरंदाजी, कबड्डी, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, खो-खो, वॉलीबॉल, कराटे, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और रस्साकशी प्रतिस्पर्धा का हिस्सा हैं।
