HIGH COURT ORDER : अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त, 30 करोड़ का जुर्माना

Date:

HIGH COURT ORDER : High Court strict on illegal mining, fine of Rs 30 crore

रायपुर। राजधानी से लगे आरंग क्षेत्र के ग्राम निसदा में अवैध उत्खनन का मामला अब हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। आरोप है कि लीज एरिया से बाहर बड़े पैमाने पर खनन और माइनिंग वेस्ट को महानदी में डंप करने से करीब 400 एकड़ कृषि भूमि बंजर होने की कगार पर है।

इस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने लीज एरिया के बाहर हो रहे उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं और खनिज विभाग के सचिव से शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता ओम प्रकाश सेन ने जनहित याचिका में बताया कि गांव में फ्लैग स्टोन और चूना पत्थर खनन के लिए 15 लोगों को लीज दी गई थी, लेकिन स्वीकृत क्षेत्र से लगभग पांच गुना ज्यादा जमीन पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। पर्यावरणीय अनुमति समाप्त होने के बावजूद ब्लास्टिंग जारी रहने का भी आरोप है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि जांच में सात लीजधारक दोषी पाए गए हैं। पर्यावरणीय क्लीयरेंस खत्म होने के बावजूद खनन करने पर इन पर 30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया गया है।

हाईकोर्ट ने यह भी पूछा कि महानदी में माइनिंग वेस्ट और पत्थर फेंकने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि कोई लीजधारक इस कार्रवाई को चुनौती देता है, तो उसकी याचिका भी इसी मामले के साथ सुनी जाएगी। अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।

इसी बीच हाईकोर्ट ने मेडिकल पीजी कोर्स से जुड़े एक अन्य मामले में भी अहम संशोधन किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने वाले छात्रों को संस्थागत कोटे के तहत 50 प्रतिशत आरक्षण देना वैधानिक रूप से मान्य है।

 

 

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related