Amit Shah slams Congress on no-confidence motion, reminds Congress and Rahul Gandhi of decorum
नई दिल्ली: सदन में तीखी बहस के बाद लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ध्वनिमत से मतदान के बाद प्रस्ताव गिर गया। उन पर सदन की कार्यवाही के दौरान भेदभाव करने का आरोप था। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने 56 मिनट तक जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि सदन नियम से चलेगा। स्पीकर को नियमों के उल्लघंन पर रोकने और टोकने का अधिकार है। ये सदन मेला नहीं है, जो नियम से नहीं चलेंगे,उनका माइक बंद होगा। शाह ने कहा कि जब सदन में बोलने का मौका होता है, तो कांग्रेस नेता बहसों में भाग लेने के बजाय जर्मनी या इंग्लैंड में नजर आते हैं।
शाह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, अरे भाई यहां नियमों से बोलना पड़ता है, यहां इतने वरिष्ठ सदस्य बैठे हैं, मुझे तो अभी भी नहीं मालूम पड़ता कि शशि थरूर, बालू साहब बैठे हैं, क्यों नहीं सिखाते उन्हें।
ये PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। किसी के भी सामने हम एक अंगुली दिखाते हैं तो 4 अंगुलियां अपनी तरफ भी दिखती है। विपक्ष ने अमित शाह माफी मांगो के नारे लगाए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ’18वीं लोकसभा में 71 घंटे आपको दिए गए, आप कितना बोले? क्यों नहीं बोले? विपक्ष के नेता की पार्टी लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है उसपर भी विपक्ष के नेता कुछ नहीं बोलते। यह ठीक नहीं है, वे बोलना नहीं चाहते हैं और बोलना चाहते हैं तो नियम अनुसार बोलना नहीं आता है।
इससे पहले, स्पीकर के पद का बचाव करते हुए, शाह ने बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष की कड़ी आलोचना की। गृह मंत्री के अनुसार, ऐसा कदम संसदीय संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। पिछली संसदीय परंपराओं को याद करते हुए, शाह ने कहा कि जब भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन विपक्ष में था, तब उसने कभी भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास नहीं किया।

