लाखों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा… पुरानी पेंशन योजना लागू होने के संकेत, हर साल 140 करोड़ बचेंगे, 14 हजार करोड़ वापस मिलेंगे…

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राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ में भी पुरानी पेंशन योजना लागू करने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। वित्त विभाग ने विभागों से जानकारी मंगवाई है। 2004 के बाद की भर्ती वाले 2.95 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। वित्त विभाग के अनुसार, अगर सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करती है तो हर महीने 140 करोड़ रुपए राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ में भी पुरानी पेंशन योजना लागू करने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। का आर्थिक बोझ कम होगा, यानी 1 साल में 1680 करोड़ रुपए की बचत होगी।

नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी अथारिटी से 14 हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। नवंबर 2004 में केंद्र की तत्कालीन अटल बिहारी सरकार ने पुरानी पेंशन योजना बंद कर नई योजना लागू की थी, जिसे कर्मचारी-अधिकारी और उनके परिवार के भविष्य के लिए अहितकारी करार दिया गया था। पुरानी योजना में जीपीएफ और ग्रेच्युटी की सुविधा है। पेंशन के लिए वेतन से कटौती नहीं होती। सेवानिवृत्त होने पर बेसिक सैलरी की 50 प्रतिशत पेंशन मिलती है। कर्मचारी की मृत्यु होने पर नॉमिनी को भी पेंशन मिलती है, जबकि न्यू पेंशन स्कीम में ऐसी कोई सुविधा नहीं जो

उधर, न्यू पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत (नया अंशदान 14 प्रतिशत) कटौती होती है, तो सरकार भी 10 प्रतिशत का अंशदान देती है। यह राशि केंद्रीय एजेंसी एनएसडीएल में जमा होती है, यह पैसा शेयर बाजार में लगता है। शेयर बाजार के ऊपर-नीचे होने से कर्मचारियों को मुनाफा-घाटा होता है। ओल्ड स्कीम लागू हुई तो राशि एनएसडीएल नहीं बल्कि महालेखाकार (एजी) के पास बतौर जीपीएफ जमा होगा। भास्कर ने इसे लेकर वित्त विभाग के अधिकारियों से बात की, मगर उन्होंने ऑफिशियली कुछ कहने से मना कर दिया, क्योंकि अभी घोषणा नहीं हुई है।

कर्मचारियों को होगा बड़ा फायदा
ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद बेसिक सैलेरी की 50 प्रतिशत पेंशन मिलेगी। साथ ही महंगाई भत्तों (डीए) का भी लाभ मिलेगा।

कर्मचारी फेडरेशन ने भी उठाई मांग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि फेडरेशन ने अपनी मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी है। सभी चाहते हैं कि फिर से ओल्ड पेंशन स्कीम लागू हो। अगर, ऐसा होता है तो यह राज्य के 2.95 लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में बड़ा निर्णय होगा। न्यू पेंशन स्कीम से किसी भी प्रकार का लाभ नहीं होता।ओल्ड पेंशन स्कीम
पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं
जीपीएफ का प्रावधान
पेंशन का भुगतान ट्रेजरी से
सेवानिवृत्त होने पर अंतिम मूल वेतन से 50% बनती है पेंशन
मृत्यु होने पर परिवार (नॉमिनी) को पेंशन का प्रावधान
जीपीएफ के ब्याज पर कोई
टैक्स नहीं लगेगा।न्यू पेंशन स्कीम
वेतन से 14 प्रतिशत कटौती का प्रावधान
जीपीएफ से नहीं जोड़ा गया
यह शेयर आधारित।
पेंशन का कोई प्रावधान नहीं, एक-मुश्त मिलेगा पैसा
इसमें भी मगर, योजना में जमा पैसों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
सेवानिवृत्त पर शेयर बाजार के आधार पर पैसा मिलेगा, टैक्स भी।

मंथन जारी
वर्ष 2004 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों का करोड़ों रुपए जो बतौर एनपीएस, एनएसडीएल के पास जमा हो रहा, वह कैसे वापस होगा, इसे लेकर कई स्तर पर मंथन जारी है।

साल 2035 के बाद सरकार पर पड़ेगा भार
सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करती है तो उससे सालाना 1680 करोड़ की बचत होगी। मगर, 2004-05 में भर्ती होने वाली कर्मचारी जो 2035-36 में सेवानिवृत्त होंगे, तो 13 साल बाद उनकी पेंशन का बड़ा बोझ सरकार पर पड़ेगा।

ऐसा करने वाला राजस्थान पहला राज्य
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का ऐलान कर दिया है। 23 फरवरी को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इसकी घोषणा की। वहीं यूपी में अखिलेश यादव ने भी सत्ता में आने पर ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की बात कही है।

3.88 लाख कर्मचारी | 2004 के बाद 2.96 लाख नियुक्तियां हुईं हैं। 2004 के पहले के 62 हजार कर्मचारी जिनका जीपीएफ कटता है। 3.30 हजार कर्मचारियों का डीपीएफ कटता है।

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