Chhattisgarh: रमन सिंह के ट्वीट पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- हजारों करोड़ का कर्ज लेने वाले रमन सिंह अब बहा रहे घड़ियाली आंसू

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह ने आज एक बयान जारी कर डॉक्टर रमन सिंह के ट्वीट का करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि सिर्फ कमीशन खोरी करने के लिए डॉ रमन सिंह अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में हजारों करोड़ रुपए का कर्ज लेते रहे जिससे ना तो राज्य का विकास हुआ ना ही जनता को कोई लाभ मिला। उल्टे जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी की भेंट चढ़ गई है।

रमन सिंह के ट्वीट कांग्रेस ने दिया जवाब

आज अपने ट्वीट में डॉ रमन सिंह ने नया रायपुर के जिस रिटेल कांप्लेक्स के लिए यूनियन बैंक से प्राप्त ऋण  का उल्लेख किया है वह रमन सिंह के कार्यकाल वर्ष 2016 का है।  इस कांप्लेक्स हेतु यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 169 करोड रुपए का कर्ज प्राप्त कर इसका निर्माण वर्ष 2016 से 2018 तक रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते ही पूर्ण किया गया। प्राप्त ऋण के विरुद्ध अब तक ब्याज सहित 20.71 करोड रुपए का भुगतान किया जा चुका है तथा 30 जून 2021 की स्थिति में 156.23 करोड़ शेष है।

कुल बिल्ट अप एरिया लगभग 2.64 लाख वर्ग फिट

इस भवन में विक्रय योग्य कुल बिल्ट अप एरिया लगभग 2.64 लाख वर्ग फिट है। जिसमें लगभग 10 प्रतिशत यानि 0.27 लाख वर्ग फीट कारपेट एरिया का विक्रय किया जा चुका है तथा 6 प्रतिशत यानी 0.17 लाख वर्ग फिट कारपेट एरिया मासिक किराया पर आवंटित है। इस भवन में अब भी 2.20 लाख वर्ग फीट कारपेट एरिया आवंटन हेतु शेष है। उपलब्ध बिल्ट अप का आवंटन व विक्रय निविदा के माध्यम से नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित फ्लोर वाइज प्रति वर्ग फीट कारपेट एरिया के दर पर किया जाता है।

रमन सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी के चलते इस कांप्लेक्स के निर्माण की लागत अत्याधिक होने से वर्तमान में कॉरपोरेट एरिया पर औसत विक्रय की दर 10800 प्रति वर्ग फुट आ रही है। जिसे आसानी से विक्रय हेतु भूपेश बघेल सरकार ने 12 प्रतिशत दर कम करके 9425 प्रति वर्ग फुट में बेचने का प्रयास किया है। लेकिन यह दर भी रायपुर के जाने-माने व्यवसायिक कांप्लेक्स जैसे श्याम प्लाजा पंडरी, मैग्नेटो मॉल तेलीबांधा एवं अन्य उपलब्ध कमर्शियल कांप्लेक्स के बिल्ट अप की दरों से कहीं अधिक है।

किसी भी प्रकार का सर्वे या एसेसमेंट नहीं

सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि जब उक्त भवन का निर्माण किया गया था तब नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा मार्केट में परियोजना तथा इसकी मांग से संबंधित किसी भी प्रकार का सर्वे या एसेसमेंट आदि नहीं किया गया था। जिससे यह पता चलता की कांप्लेक्स का निर्माण करना उचित होगा या नहीं। सिर्फ कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार करने के लिए इस रिटेल कांप्लेक्स का निर्माण किया गया। रियल स्टेट के क्षेत्र में मंदी होने तथा नया रायपुर में उक्त दर पर मांग ना होने से परियोजना का समय सीमा में विक्रय किए जाना संभव नहीं है। इसीलिए उक्त कांप्लेक्स के सामने बैंक के कर्ज को चुकाने में वित्तीय कठिनाइयां सामने आ रही हैं। बेहतर होगा कि रमन सिंह के कार्यकाल में निर्मित कमीशन खोरी के इस स्मारक का कर्ज पटाने के लिए डॉ रमन सिंह केंद्र की सरकार से मदद मांगे और छत्तीसगढ़ सरकार की मदद करें।

Chhattisgarh: रमन सिंह के ट्वीट पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- हजारों करोड़ का कर्ज लेने वाले रमन सिंह अब बहा रहे घड़ियाली आंसू

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह ने आज एक बयान जारी कर डॉक्टर रमन सिंह के ट्वीट का करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि सिर्फ कमीशन खोरी करने के लिए डॉ रमन सिंह अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में हजारों करोड़ रुपए का कर्ज लेते रहे जिससे ना तो राज्य का विकास हुआ ना ही जनता को कोई लाभ मिला। उल्टे जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी की भेंट चढ़ गई है।

रमन सिंह के ट्वीट कांग्रेस ने दिया जवाब

आज अपने ट्वीट में डॉ रमन सिंह ने नया रायपुर के जिस रिटेल कांप्लेक्स के लिए यूनियन बैंक से प्राप्त ऋण  का उल्लेख किया है वह रमन सिंह के कार्यकाल वर्ष 2016 का है।  इस कांप्लेक्स हेतु यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 169 करोड रुपए का कर्ज प्राप्त कर इसका निर्माण वर्ष 2016 से 2018 तक रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते ही पूर्ण किया गया। प्राप्त ऋण के विरुद्ध अब तक ब्याज सहित 20.71 करोड रुपए का भुगतान किया जा चुका है तथा 30 जून 2021 की स्थिति में 156.23 करोड़ शेष है।

कुल बिल्ट अप एरिया लगभग 2.64 लाख वर्ग फिट

इस भवन में विक्रय योग्य कुल बिल्ट अप एरिया लगभग 2.64 लाख वर्ग फिट है। जिसमें लगभग 10 प्रतिशत यानि 0.27 लाख वर्ग फीट कारपेट एरिया का विक्रय किया जा चुका है तथा 6 प्रतिशत यानी 0.17 लाख वर्ग फिट कारपेट एरिया मासिक किराया पर आवंटित है। इस भवन में अब भी 2.20 लाख वर्ग फीट कारपेट एरिया आवंटन हेतु शेष है। उपलब्ध बिल्ट अप का आवंटन व विक्रय निविदा के माध्यम से नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित फ्लोर वाइज प्रति वर्ग फीट कारपेट एरिया के दर पर किया जाता है।

रमन सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी के चलते इस कांप्लेक्स के निर्माण की लागत अत्याधिक होने से वर्तमान में कॉरपोरेट एरिया पर औसत विक्रय की दर 10800 प्रति वर्ग फुट आ रही है। जिसे आसानी से विक्रय हेतु भूपेश बघेल सरकार ने 12 प्रतिशत दर कम करके 9425 प्रति वर्ग फुट में बेचने का प्रयास किया है। लेकिन यह दर भी रायपुर के जाने-माने व्यवसायिक कांप्लेक्स जैसे श्याम प्लाजा पंडरी, मैग्नेटो मॉल तेलीबांधा एवं अन्य उपलब्ध कमर्शियल कांप्लेक्स के बिल्ट अप की दरों से कहीं अधिक है।

किसी भी प्रकार का सर्वे या एसेसमेंट नहीं

सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि जब उक्त भवन का निर्माण किया गया था तब नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा मार्केट में परियोजना तथा इसकी मांग से संबंधित किसी भी प्रकार का सर्वे या एसेसमेंट आदि नहीं किया गया था। जिससे यह पता चलता की कांप्लेक्स का निर्माण करना उचित होगा या नहीं। सिर्फ कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार करने के लिए इस रिटेल कांप्लेक्स का निर्माण किया गया। रियल स्टेट के क्षेत्र में मंदी होने तथा नया रायपुर में उक्त दर पर मांग ना होने से परियोजना का समय सीमा में विक्रय किए जाना संभव नहीं है। इसीलिए उक्त कांप्लेक्स के सामने बैंक के कर्ज को चुकाने में वित्तीय कठिनाइयां सामने आ रही हैं। बेहतर होगा कि रमन सिंह के कार्यकाल में निर्मित कमीशन खोरी के इस स्मारक का कर्ज पटाने के लिए डॉ रमन सिंह केंद्र की सरकार से मदद मांगे और छत्तीसगढ़ सरकार की मदद करें।

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