- वह (भूपेश बघेल) सीएम 50 साल, 10 साल या दो साल तक के लिए हैं, यह तय नहीं है -स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव
- अगर कोई व्यक्ति किसी टीम में खेलता है तो क्या वह कप्तान बनने के बारे में नहीं सोचता?
- शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मंत्री और विधायक पहुंचेंगे दिल्ली
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सियासी फिजा में हर रोज नया मौसम देखने को मिल रहा है। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया कि कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ एक लंबी बैठक चली। माहौल गर्म था की इस बैठक में छत्तीसगढ़ मे ढाई ढाई साल सीएम वाले फार्मूले पर चर्चा चल रही है। हालांकि मीडिया के सामने पीएल पुनिया द्वारा यह कहा गया कि छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों पर चर्चा चल रही थी। वहीं बुधवार को मुख्यमंत्री दिल्ली से वापस राजधानी रायपुर लौट आए और टीएस सिंह देव फिलहाल दिल्ली में ही है। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विधायक और और मंत्री भी शुक्रवार को दिल्ली पहुंचने वाले हैं।
अपने दिल्ली प्रवास से आने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने पत्रकारों से ढाई ढाई साल वाले फार्मूले के बारे में बातचीत में कहा कि
“आलाकमान जो फैसला करेगा वह उन्हें मंजूर होगा अगर आलाकमान उनसे कहे तो वह आज इस्तीफा दे देंगे। पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी वह उनका बखूबी पालन करेंगे।”
इसी बीच आज गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव जो अभी दिल्ली में ही है। उन्होंने एक बयान देकर सियासी माहौल को गरमा दिया है। उन्होंने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि
“वह (भूपेश बघेल) सीएम 50 साल, 10 साल या दो साल तक के लिए हैं, यह तय नहीं है। उन्होंने कहा कि भाई-बहनों में भी प्रतिद्वंदिता है। स्वस्थ प्रतियोगिताएं होती हैं। हाई कमान ने जो जिम्मेदारी है, उसे मैं निभाऊंगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी टीम में खेलता है तो क्या वह कप्तान बनने के बारे में नहीं सोचता? क्या आपमें से कोई नहीं बनना चाहेगा। हर कोई इस बार में सोचता है लेकिन सवाल उसके विचारों का नहीं, उसनकी क्षमताओं का है। इन चीजों पर फैसला हाईकमान लेता है।”
शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वापस दिल्ली का रूख करने वाले है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि टी एस सिंह देव इस बार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। एक बड़ी मीटिंग से पहले उनके इस बयान ने छत्तीसगढ़ में ढाई ढाई साल वाले सीएम के फार्मूले को और भी बल दे दिया है।
फिलहाल पार्टी आलाकमान भी कशमकश में है। वहीं कुछ विधायकों और मंत्रियों के भी रायपुर जाने की खबर है। सीएम भूपेश बघेल भी शुक्रवार को दिल्ली में रहेंगे। शुक्रवार की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस बारे में कोई एक बड़ा फैसला ले सकते हैं।
