Successful organization of the two-day international conference ICETIS-2026 at Shri Rawatpura Sarkar University
रायपुर: श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय (SRU), रायपुर के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को “इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशंस फॉर सस्टेनेबिलिटी (ICETIS-2026)” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इस दौरान प्रतिभागियों ने नवीन विचारों का आदान-प्रदान किया, शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए तथा सतत विकास के लिए उभरती तकनीकी संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का आयोजन कुलाधिपति, परम पूज्य अनंत विभूषित रविशंकर महाराज के दिव्य आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन तथा विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रो-चांसलर, कुलपति एवं कुलसचिव के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रो. अनीश सोमवंशी, डीन एकेडमिक्स एवं डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं अकादमिक नेतृत्वकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
ICETIS-2026 में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अकादमिक तथा शोध समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन रिपोर्ट के अनुसार, 107 शोध सारांश (Research Abstracts) सम्मेलन की कार्यवाही में शामिल किए गए, जबकि 51 शोध-पत्रों का प्रस्तुतीकरण इंजीनियरिंग की सात प्रमुख शाखाओं में किया गया। इनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग शामिल रहे।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशिष्ट मुख्य वक्ताओं की उपस्थिति रही। एनआईटी रायपुर के डॉ. आर. एन. पटेल ने सौर ऊर्जा के उपयोग एवं माइक्रोग्रिड प्रणालियों पर प्रभावशाली मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण, विकेंद्रीकृत विद्युत उत्पादन तथा सतत ऊर्जा समाधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
एनआईटी रायपुर के डॉ. सुवेंदु रूप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), AI आधारित कैमरा इंटरफेस, कंप्यूटर विजन, निगरानी अनुप्रयोगों तथा वीडियो सिनॉप्सिस तकनीक से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। वहीं एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. विजय कुमार दल्ला ने स्पेस रोबोटिक्स तथा उन्नत रोबोटिक तकनीकों में हो रही प्रगति पर चर्चा की और ऑटोमेशन तथा आधुनिक इंजीनियरिंग में इनके अनुप्रयोगों को रेखांकित किया।
कॉवेंट्री यूनिवर्सिटी, यूनाइटेड किंगडम के डॉ. आशीष शुक्ला ने बिल्डिंग इंजीनियरिंग फिजिक्स एवं बिल्डिंग एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम्स (BEMS) विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने ऊर्जा दक्षता, भवनों के प्रदर्शन तथा सतत निर्माण एवं पर्यावरण-अनुकूल भवन व्यवस्था पर विशेष जोर दिया।
वहीं **बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG), डसेलडोर्फ, जर्मनी के श्री वसीफ हुसैन खान** ने लौह एवं इस्पात उत्पादन के वैकल्पिक तरीकों, विशेष रूप से **ग्रीन स्टीलमेकिंग** तथा पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक प्रक्रियाओं पर अपनी विशेषज्ञता साझा की।
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में समकालीन शोध के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया। इनमें **आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs), साइबर सिक्योरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कंप्यूटर विजन, स्मार्ट ग्रिड, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत निर्माण सामग्री, उन्नत विनिर्माण तकनीक, औद्योगिक ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, खदान सुरक्षा तथा पर्यावरणीय स्थिरता** जैसे विषय प्रमुख रहे।
सम्मेलन ने शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों के बीच अंतरविषयक ज्ञान के आदान-प्रदान तथा सार्थक संवाद के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। तकनीकी चर्चाओं, शोध प्रस्तुतियों तथा प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को उभरते शोध क्षेत्रों को समझने, नवीन समाधानों को साझा करने तथा भविष्य में शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिला।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सम्मेलन के सफल आयोजन में डीन एवं सम्मेलन संयोजक प्रो. अनीश सोमवंशी सह-संयोजकों, आयोजन सचिवों, विभिन्न समितियों के सदस्यों, सत्र अध्यक्षों, समन्वयकों, संकाय सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों और योगदान की सराहना की। सभी के सामूहिक प्रयासों ने सम्मेलन को भव्य एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन वैज्ञानिक अनुसंधान, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार एवं सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए शैक्षणिक तथा औद्योगिक सहयोगात्मक पहलों को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। ICETIS-2026 ने विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सहभागिता का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में अपनी पहचान बनाई।


