MAHADEV SATTA APP: CBI seeks 2-day remand; team to bring [accused] to Raipur!
MAHADEV SATTA APP: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI ने ओमान से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कार्रवाई पर CBI को बधाई दी है। सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सौरभ चंद्राकर की पेशी हुई। CBI ने उसे छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश करने के लिए 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगी है। कोर्ट ने इस मांग पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
वहीं, सौरभ के वकील ने CBI की मांग का विरोध किया। उनका कहना है कि चंद्राकर को ओमान से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के मामले में प्रत्यर्पित किया गया है, न कि CBI के मामले में।
बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव सट्टा ऐप से जुड़े 13 FIR की जांच CBI को सौंपी थी। इनमें से 2 मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है और सौरभ के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है।
आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और UAE से ओमान पहुंच गया। उसके कथित फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट में फोटो सौरभ की थी, लेकिन नाम ‘अजंता मेंडिस’ दर्ज था। यह नाम श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजन्ता मेंडिस से मिलता-जुलता है। पासपोर्ट में जन्मतिथि भी दूसरे दस्तावेजों से अलग बताई गई थी।
खुफिया जानकारी और रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद भारत सरकार के जरिए CBI और ED ने ओमान को प्रत्यर्पण का प्रस्ताव भेजा और जरूरी सबूत सौंपे।
भारत, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली। इसके बाद CBI की टीम मस्कट पहुंची और 1 नवंबर को सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई।


