CG BREAKING : No relief to Anil Tuteja, what did the Supreme Court say?
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को भ्रष्टाचार के मामलों में मिली जमानत के खिलाफ राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने हाईकोर्ट के जमानत आदेशों में दखल देने से इनकार करते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी।
हाईकोर्ट की टिप्पणियों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति बी. महादेवन की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट की जमानत संबंधी टिप्पणियों को ट्रायल कोर्ट पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं माना जाना चाहिए। निचली अदालत को सबूतों के आधार पर स्वतंत्र रूप से फैसला करना होगा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने माना कि भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपियों की भूमिका को लेकर मजबूत संदेह हो सकता है, लेकिन केवल संदेह के आधार पर दोष साबित नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार ने दलील दी थी कि हाईकोर्ट की कुछ टिप्पणियां जांच और मुकदमे को प्रभावित कर सकती हैं।
जमानत रद्द कराने का विकल्प खुला
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जमानत की शर्तों का दुरुपयोग करते हैं, तो राज्य सरकार हाईकोर्ट का रुख कर सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि जमानत आदेशों में की गई टिप्पणियां ट्रायल कोर्ट के फैसले को प्रभावित नहीं करेंगी।
मामले में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
कई मामलों में नाम आया
अनिल टुटेजा 2019 से 2022 के बीच उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव सहित महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनके खिलाफ डीएमएफ और अन्य मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट में साक्ष्यों के आधार पर होना है।
