SAKHI CENTRE HELP : Harassment after a month of marriage, Sakhi Centre returns goods
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दहेज प्रताड़ना से परेशान एक महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर की पहल से राहत मिली है। पुलिस और केंद्र की संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों की सहमति से महिला को विवाह में मिला सामान वापस दिलाया।
स्कूटी और हर महीने 20 हजार रुपये की मांग
महिला के अनुसार, शादी के करीब एक महीने बाद ही पति ने स्कूटी की मांग को लेकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया था। बाद में वह मायके से हर महीने 20 हजार रुपये लाने का दबाव बनाने लगा। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे मायके जाने से रोका जाता था और उसके साथ शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना की जाती थी।
लगातार परेशानी से तंग आकर महिला ने पति से अलग रहने और शादी में मिला अपना सामान वापस पाने की मांग की।
काउंसलिंग से निकला रास्ता
मामले में सखी वन स्टॉप सेंटर ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग की और पति को समझाइश दी। इसके बाद पुलिस विभाग और केंद्र की संयुक्त टीम ने हस्तक्षेप किया। दोनों पक्षों की सहमति बनने पर महिला को उसका विवाह का सामान वापस दिलाया गया।
104 मामलों में 86 का निराकरण
महिला संरक्षण अधिकारी विभा बख्शी के मुताबिक, सखी वन स्टॉप सेंटर में वर्ष 2025 से 2026 तक कुल 104 प्रकरण दर्ज हुए। इनमें से 86 मामलों का निराकरण किया जा चुका है।
केंद्र की ओर से पीड़ित महिलाओं को परामर्श, सुरक्षा और संबंधित विभागों के सहयोग से सहायता दी जा रही है। इस मामले में भी समन्वय के जरिए महिला को राहत मिली।
