CHHATTISGARH : Is compassionate appointment in trouble? Employee organizations issue warning
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अनुकंपा नियुक्ति व्यवस्था खत्म किए जाने की संभावित तैयारी की खबर से कर्मचारी संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर इस व्यवस्था को समाप्त करने या कमजोर करने का फैसला लिया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
क्यों हो रहा विरोध?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकारी सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे समय में अनुकंपा नियुक्ति परिवार को सहारा देने और उसे आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है।
संगठनों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से यह व्यवस्था लागू है। इसे खत्म करने का फैसला हजारों प्रभावित परिवारों के भविष्य पर असर डाल सकता है। हालांकि, व्यवस्था समाप्त करने को लेकर सरकार का कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
मंत्रालय से गांव तक आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि अगर सरकार ऐसा कोई कदम उठाती है, तो मंत्रालय से लेकर प्रदेश के अंतिम छोर तक चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उनकी मांग है कि व्यवस्था समाप्त करने के किसी भी प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले कर्मचारी संगठनों से चर्चा की जाए।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और शासन से अनुकंपा नियुक्ति व्यवस्था को और सरल एवं प्रभावी बनाने की मांग की है।
अब सबकी नजर सरकार के रुख पर है। फिलहाल कर्मचारी संगठनों की चेतावनी के बीच इस मुद्दे पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
