रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय रहे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के निज सचिव संतोष अग्रवाल को निजी स्थापना से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
मंत्री दयालदास बघेल की ओर से जारी आदेश में संतोष अग्रवाल को 7 सितंबर 2026 से निजी स्थापना में निज सचिव के कार्य से कार्यमुक्त करने की बात कही गई है। हालांकि, आदेश में कार्यमुक्त किए जाने की वजह का उल्लेख नहीं किया गया है।
संतोष अग्रवाल लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा में रहे हैं। उनकी कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र के लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की ओर से कथित आर्थिक अनियमितताओं सहित अलग-अलग शिकायतें सामने आने की चर्चा रही है। हालांकि, इन आरोपों और शिकायतों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि या कार्यमुक्ति से उनके सीधे संबंध की जानकारी आदेश में नहीं दी गई है।
बताया जाता है कि संतोष अग्रवाल इससे पहले विधायक अजय चंद्राकर के साथ भी काम कर चुके हैं। पार्टी के कई नेताओं से उनके करीबी संबंध होने की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही है।
हाल के दिनों में मंत्री के कार्यालय और बंगले में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे थे। एक रिपोर्ट में भाजपा से जुड़े कुछ लोगों की ओर से उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने और मंत्री तक पहुंचने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं को लेकर कथित शिकायतों का जिक्र किया गया था। हालांकि, इन आरोपों पर संतोष अग्रवाल या मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
अब अचानक कार्यमुक्त किए जाने के आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर संतोष अग्रवाल की छुट्टी के पीछे सिर्फ प्रशासनिक फैसला है या इसके पीछे लंबे समय से उठ रहे सवालों का भी कोई असर है।
फिलहाल इतना तय है कि मंत्री दयालदास बघेल के चर्चित निज सचिव रहे संतोष अग्रवाल को पद से हटा दिया गया है, जबकि आदेश में इस कार्रवाई की कोई वजह स्पष्ट नहीं की गई है।
