CHHATTISGARH : Posted news about ED, received threats! Left the village in fear
दुर्ग. दुर्ग में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर WhatsApp स्टेटस पर लगाना एक युवक को भारी पड़ गया। पाटन के रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर ने अखबार में छपी ED की खबर स्टेटस पर लगाई और नीचे सिर्फ ‘जामगांव एम’ लिख दिया।
आरोप है कि इसके बाद जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर ने परमेश्वर को फोन किया और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। परमेश्वर का आरोप है कि फोन पर उसे कहा गया कि “मारते-मारते थाने ले जाऊंगा, 6 महीने के लिए जेल में डलवा दूंगा।”
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मामला इतना बढ़ा कि आरोपी के गांव आने की सूचना मिलने पर परमेश्वर डरकर गांव छोड़कर चले गए। फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उन्होंने पुलिस को सौंपने की बात कही है। धमकी का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई है।
एक नाम ने पैदा किया पूरा विवाद
दरअसल, इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर और जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति हैं।
परमेश्वर का कहना है कि उन्होंने अखबार की खबर केवल उत्सुकता में स्टेटस पर लगाई थी। उनका ED मामले से कोई संबंध नहीं है और वे खबर में नाम वाले किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते।
शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस फोन रिकॉर्डिंग और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
ED केस में क्या है मामला?
ED के मुताबिक, CGPSC-2021 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अभ्यर्थियों से पैसे लेने के मामले की जांच में कई नाम सामने आए थे। एजेंसी के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपये से अधिक नकद लिए थे, जिसमें करीब 2.80 करोड़ रुपये ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर को दिए जाने का आरोप है।
इसी कार्रवाई से जुड़ी खबर को परमेश्वर ने अपने मोबाइल स्टेटस पर लगाया था। इसके बाद गलत पहचान के चलते धमकी देने का आरोप सामने आया।
