CG Vidhan Sabha: Opposition corners the government over the Nakti village issue!
CG VIDHAN SABHA: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस ने राजधानी रायपुर से सटे नकटी गांव में हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया.
विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया. जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरु कर दी.
कांग्रेस ने नकटी गांव में हुई कार्रवाई को असंवैधानिक और अमानवीय बताते हुए सरकार पर गरीब परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया.
विपक्ष का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई में 85 परिवारों के मकान तोड़ दिए गए, जिससे वे बेघर हो गए. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मानसून के दौरान इस तरह की कार्रवाई करना पूरी तरह अमानवीय है, क्योंकि बारिश के मौसम में लोगों को बेघर कर देना उनके जीवन और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा करता है.
विपक्ष ने सरकार से कार्रवाई की जवाबदेही तय करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत व पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की.
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान को भी तोड़ दिया गया.
साथ ही उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान चार गाय और एक बछिया की भी मौत हो गई.
वहीं कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने कहा कि यदि कार्रवाई करनी ही थी तो चार महीने बाद भी की जा सकती थी, लेकिन बारिश के मौसम में लोगों को बेघर करना उचित नहीं था.
नकटी गांव में हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विधानसभा में जारी बहस के दौरान राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि नकटी में की गई पूरी कार्रवाई पूरी तरह संवैधानिक और विधि सम्मत थी.
मंत्री ने बताया कि प्रशासन को नकटी में अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई.
स्थगन प्रस्ताव खारिज होते ही कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
स्थगन प्रस्ताव नामंजूर होने से नाराज विपक्ष के सभी विधायक अपनी सीटों से उठकर वेल (गर्भगृह) में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
