Sanatanis will unite to protect cows and Sanatan; Dhirendra Shastri invited
काशी: गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने निर्णायक ‘धर्मयुद्ध’ का बिगुल फूंक दिया है।

काशी से शुरू हुआ अभियान अब लखनऊ पहुंचेगा
शंकराचार्य ने बताया कि यह अभियान देश के सभी शंकराचार्यों के आदेश और सामूहिक सहमति से शुरू किया गया है। इसकी शुरुआत पवित्र नगरी काशी से हुई थी और अब आगामी 11 मार्च को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विशाल धर्मसभा का आयोजन होने जा रहा है।
धीरेंद्र शास्त्री की ‘शिकायत’ पर शंकराचार्य का जवाब
इस बीच, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बयान चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें इस गौ-रक्षा अभियान के बारे में कोई आधिकारिक सूचना या आमंत्रण नहीं मिला है। इस पर संज्ञान लेते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया के जरिए उन्हें खुला न्योता भेजा है।

मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक आमंत्रण
शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि सनातन के कार्य में सभी का स्वागत है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को इस पावन धर्मयुद्ध में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि गौ-रक्षा के इस मिशन में हर सनातनी की भूमिका महत्वपूर्ण है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या 11 मार्च को लखनऊ के मंच पर शंकराचार्य और बागेश्वर बाबा एक साथ नजर आएंगे

