BILASPUR HIGH COURT VERDICT : Father sentenced to life imprisonment
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मासूमों के खिलाफ अपराध के एक चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को उम्रकैद की सजा दी है। मामला कोरिया जिले के ज्योति मिशन स्कूल से जुड़ा है, जहां चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म का आरोप था।
कोर्ट ने घटना को दबाने और पीड़िता को प्रताड़ित करने वाली दो महिला स्टाफ को भी 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था मामला
साल 2019 में स्कूल हॉस्टल में रात के समय छात्रा से दुष्कर्म किया गया। बच्ची ने घटना की जानकारी दो महिला स्टाफ को दी, लेकिन आरोप है कि दोनों ने उसे पीटकर चुप रहने का दबाव बनाया। बाद में परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ और पूरे जिले में सनसनी फैल गई।
निचली अदालत ने किया था बरी
निचली अदालत ने साक्ष्यों में संदेह बताते हुए आरोपी फादर को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपील दायर की।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता के बयान विश्वसनीय और सुसंगत हैं। चिकित्सकीय और परिस्थितिजन्य साक्ष्य घटना की पुष्टि करते हैं। साथ ही स्टाफ द्वारा बच्ची को प्रताड़ित कर मामला दबाने की कोशिश अपराध को और गंभीर बनाती है।
कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को त्रुटिपूर्ण और कानून के विपरीत बताते हुए उसे पलट दिया और फादर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
राज्य की अपील सफल
इस फैसले को बाल संरक्षण और लैंगिक अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। राज्य शासन की अपील के बाद मामले की दोबारा सुनवाई हुई और पीड़िता को न्याय मिला।

