CG BOARD EXAM : 5 students committed suicide before the exam
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी और 10वीं बोर्ड परीक्षा 21 फरवरी से शुरू होने जा रही है। लेकिन परीक्षा से पहले ही छात्रों में बढ़ते तनाव ने चिंताजनक रूप ले लिया है। कोरबा में पिछले 48 घंटों के भीतर 4 छात्रों ने आत्महत्या कर ली, जबकि जांजगीर-चांपा में भी एक छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी।
कोरबा में 4 छात्र-छात्राओं की मौत
कोरबा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार घटनाएं सामने आईं।
इंद्रानगर दुरपा वार्ड-5 में 10वीं की छात्रा अंजलि केंवट (17) ने घर में फांसी लगाई।
उरगा थाना क्षेत्र के धमनागुड़ी मोहार गांव में 9वीं की छात्रा गीता महंत (16) ने तालाब किनारे पेड़ से लटककर जान दी। उसकी मां की हाल ही में मौत हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी।
रामपुर आईटीआई बस्ती में 12वीं के छात्र उज्जवल डनसेना उर्फ ध्रुव (17) ने कमरे में फांसी लगा ली। घटनास्थल से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने शव मेडिकल कॉलेज को दान करने की इच्छा जताई।
सीएसईबी कॉलोनी में 12वीं के छात्र दीपांशु कौशिक ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार सभी मामलों में जांच जारी है।
जांजगीर-चांपा में भी छात्रा की खुदकुशी
जांजगीर-चांपा में 12वीं की छात्रा रजनी सूर्यवंशी (18) अपने कमरे में फांसी पर लटकी मिली। घटना के समय माता-पिता मजदूरी पर गए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह वीडियो कॉल पर किसी युवक से बात कर रही थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
डॉक्टर की सलाह, दबाव न बनाएं
जिला मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बच्चों में तनाव बढ़ना सामान्य है, लेकिन अभिभावकों को उन पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों की तुलना दूसरों से करने से उनमें हीन भावना और अवसाद बढ़ सकता है। माता-पिता को बच्चों का मनोबल बढ़ाने और संवाद बनाए रखने की जरूरत है।
(अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो तुरंत परिवार, दोस्तों या किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर बातचीत और मदद जीवन बचा सकती है।)

