CG KALAM BANDH ANDOLAN : Work halted in Chhattisgarh! Government offices and schools deserted…
रायपुर, 29 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर शुरू किया गया प्रदेशव्यापी कलम बंद–काम बंद आंदोलन सोमवार को अपने चरम पर पहुंच गया। 29 से 31 दिसंबर तक चल रहे इस आंदोलन का असर यह रहा कि इंद्रावती भवन, नवा रायपुर समेत जिलों के शासकीय कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा, वहीं अधिकांश सरकारी स्कूलों में ताले लटके नजर आए।
फेडरेशन ने प्रदेश सरकार की “मोदी की गारंटी” योजना को लेकर गहरा असंतोष जताया। कर्मचारियों का कहना है कि चुनावी वादों के बावजूद उनकी मूलभूत मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, जिससे आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
नवा रायपुर से जिलों तक कामकाज ठप
नवा रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों, निगमों, बोर्डों और शासकीय संस्थानों में कर्मचारियों ने पूर्ण समर्थन देते हुए कलम बंद रखा। आंदोलन के चलते वरिष्ठ अधिकारियों को भी कार्यालय पहुंचने में परेशानी हुई। नगरीय निकायों के कर्मचारियों ने अवकाश लेकर आंदोलन में भाग लिया, वहीं विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी समर्थन जताया।
रायपुर में सड़कों पर उतरे कर्मचारी
प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा और संभाग प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी के मार्गदर्शन में रायपुर में जोरदार प्रदर्शन हुआ। जिला संयोजक पीतांबर पटेल, नवा रायपुर अध्यक्ष जय कुमार साहू और संयोजक संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सभी संभागों में दिखी एकजुटता
दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा संभाग के सभी जिलों में कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। राजनांदगांव, जगदलपुर, अंबिकापुर समेत कई जिलों में सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की गई।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
फेडरेशन ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने जल्द बातचीत और समाधान की पहल नहीं की, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया जाएगा।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें
केंद्र के समान DA, DA एरियर्स का GPF में समायोजन, चार स्तरीय समयमान वेतनमान, वेतन विसंगति दूर करना, शिक्षकों को पूर्ण सेवा लाभ, नियमितीकरण नीति, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 300 दिन अर्जित अवकाश नगदीकरण और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष शामिल हैं।

