COAL BLOCK TRIBAL DISPLACEMENT : Dispute over tribal land, Congress on road protest…
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में धीरौली कोल ब्लॉक में पेड़ों की कटाई और आदिवासियों के विस्थापन का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में गरमाया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि करीब 10 हजार एकड़ वन भूमि को उद्योगपति के लिए नष्ट किया जा रहा है।
बुधवार को कांग्रेस की 12 सदस्यीय टीम धीरौली कोल ब्लॉक की ओर बढ़ी, लेकिन प्रशासन ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। विरोध स्वरूप नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे की नोकझोंक के बाद प्रशासन ने पाँच नेताओं को आदिवासियों से मिलने की सशर्त अनुमति दी।
आदिवासियों से मिलने के बाद पटवारी ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। आदिवासियों के मूल अधिकार छीने जा रहे हैं और उनके तेंदूपत्ते की आमदनी भी खतरे में है। कोयला उत्खनन के कारण गांवों में पलायन हो चुका है और अब केवल बुजुर्ग ही बचे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कोयले की धूल बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
सिंगरौली का यह मुद्दा पहले भी विधानसभा में उठ चुका है। कांग्रेस नेताओं ने अवैध वन कटाई, पेसा एक्ट और वन संरक्षण अधिनियम 1980 के पालन को लेकर सवाल उठाए थे। प्रशासन का कहना है कि कटाई नियमों के अनुसार हो रही है और जो पेड़ कटे हैं, उतने ही नए पौधे दूसरे जिलों में लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने चेताया है कि यह मुद्दा वह कानूनी लड़ाई और जन आंदोलन दोनों के माध्यम से उठाएगी और आदिवासियों की पीड़ा की पूरी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार तक पहुँचाएगी।

