CG HIGHCOURT VERDICT : Ban on appointment of Information Commissioners lifted, High Court gives approval!
रायपुर, 12 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों की चयन प्रक्रिया पर लगी रोक हटा दी है। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि सर्च कमेटी द्वारा तय 25 वर्ष का अनुभव और 65 वर्ष से कम आयु की पात्रता शर्त वैध और तार्किक है। इसके साथ ही अदालत ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए राज्य सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी।
यह मामला तब सामने आया जब राज्य सरकार ने सूचना आयुक्तों के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे और बाद में सर्च कमेटी ने 25 वर्ष का अनुभव और 65 वर्ष आयु सीमा की पात्रता तय की। याचिकाकर्ताओं ने इसे नियमों में बदलाव बताते हुए अदालत में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह “रूल ऑफ गेम्स” बदलना नहीं, बल्कि आवेदनों की छंटनी के लिए एक व्यावहारिक और संवेदनशील निर्णय है। न्यायालय ने कहा कि संवेदनशील पदों की प्रकृति को देखते हुए यह शर्त उचित और तार्किक है।
अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों तेज प्रकाश पाठक (2025), अंजली भारद्वाज (2019), नवनीत कुमार (1994) और त्रिदिप कुमार दिंगाल (2009) — का हवाला देते हुए कहा कि जब तक शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया तार्किक, पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण है, वह पूरी तरह वैध मानी जाएगी।
इस फैसले के बाद राज्य सरकार अब सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगी, जो 29 मई 2025 से हाईकोर्ट की अंतरिम रोक के कारण रुकी हुई थी।

