BREAKING : सोनम वांगचुक के खिलाफ सीबीआई ने शुरू की जांच

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BREAKING : लद्दाख में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। ये जांच विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के कथित उल्लंघन मामले में शुरू हुई है। इसको लेकर सीबीआई के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय की शिकायत के बाद लगभग दो महीने पहले प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी और यह अभी भी चल रही है। वहीं हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने हिंसा मामले में कांग्रेस पार्षद समेत 50 लोगों को हिरासत में लिया है।

इस मामले को लेकर वांगचुक ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया कि सीबीआई की एक टीम करीब 10 दिन पहले एक आदेश लेकर आई थी, जिसमें कहा गया था कि वे हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (एचआईएएल) में कथित एफसीआरए उल्लंघन के संबंध में गृह मंत्रालय की शिकायत पर कार्रवाई कर रहे हैं।

गृह मंत्रालय ने माना, वांगचुक के बयान से भड़के थे लोग
बुधवार (24 सितंबर) को पूर्ण राज्य की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान लेह में हुई हिंसा और पुलिस गोलीबारी में चार लोगों की मौत के कुछ घंटों बाद गृह मंत्रालय ने कहा, ‘वांगचुक के भड़काऊ बयानों से भीड़ भड़की थी’। इसमें ये भी कहा गया है कि सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच चल रही बातचीत में कुछ राजनीति से प्रेरित व्यक्ति राज्य की प्रगति से खुश नहीं हैं और बातचीत की प्रक्रिया को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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लद्दाख में व्यापक बंद हिंसक हो गया जब पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग रहे प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी ऑफिस में आग लगा दी और पुलिस के साथ झड़प की। लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) की युवा शाखा ने 10 सितंबर से हड़ताल पर बैठे 15 लोगों में से दो की बिगड़ती सेहत के बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया था।

हिंसा के बाद वांगचुक ने अपना 15 दिन का अनशन समाप्त कर दिया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लद्दाख के युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने और पांच साल से चल रहे आंदोलन को पटरी से न उतारने की अपील की। ​​उनका उद्देश्य केंद्र को लंबे समय से लंबित मांगों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

50 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया
वहीं कल हुए विरोध प्रदर्शन और हिंसक आंदोलन मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 50 लोगों को हिरासत में लिया है। इसी मामले में लेह के कांग्रेस पार्षद पर मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को इसके परिणाम भुगतने होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “हमने दंगाइयों और उन्हें भड़काने वालों की पहचान शुरू कर दी है। अब तक हमने 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।”

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