CG BREAKING : कभी भी जा सकती है इस कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी

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CG BREAKING: The chair of this Congress municipality president can go away any time.

डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार जाने के 6 महीने बाद राजनांदगाव जिले के डोंगरगढ़ में भी सियासी उठापटक का दौर शुरू हो गया है। नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के 14 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी पूरी कर ली हैं। वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष सुदेश मेश्राम के उपर कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार का गम्भीर आरोप भी लगाया जा रहा है।

डोंगरगढ़ नगर पालिका परिषद में 24 वार्ड हैं। वर्तमान में यहां के कुल 14 पार्षद हैं। दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के पास 10 में से 1 पार्षद के मृत्यु के बाद 9 ही पार्षद बचे हैं। ऐसे में प्राथमिक रूप से भाजपा शहर में सरकार बनाने में सक्षम हैं। अब देखने वाली बात यह है कि, साल के आखरी माह में नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं ऐसी परिस्थिती में क्या प्रशासन यह पद को स्वयं संभालेगी की चुनाव करा कर अध्यक्ष की कमान बीजेपी को देगी।

कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को किया निर्देशित –

बीते दिनों भाजपा पार्षद दल के द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष सुदेश मेश्राम के विरूद्ध धारा 43(क) के अन्तर्गत अविश्वास प्रस्ताव लाने हेतु राजनादगांव कलेक्टर को पत्र के माध्यम से निवेदन किया गया है। जिस पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव हेतु पार्षदों के हस्ताक्षर सत्यापन कर भेजने के लिए आदेशित किया है। ऐसे में डोंगरगढ़ शहर में कांग्रेस की सरकार जाती हुई दिख रही है। पार्षद दल ने अपने अविश्वास प्रस्ताव के पत्र में 6 बिंदुओं में वर्तमान अध्यक्ष पर कमीशन खोरी विपक्ष में पार्षदों के वार्डो में हस्ताक्षेप करने एवम् भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

24 सीटों में 14 बीजेपी के पार्षद –

इस सारी प्रक्रिया में भाजपा मण्डल शहर अध्यक्ष अमित जैन ने मीडिया को बताया कि, नगर पालिका अध्यक्ष सुदेश मेश्राम अपना बहुमत नगर पालिका में खो चुके हैं। आज 24 सीटों में 14 सीट भाजपा के पास हैं। ऐसे में कायदे से नगर पालिका परिषद में भाजपा का अध्यक्ष होना चाहिए और रही बात सुदेश मेश्राम की तो उनके साढ़े चार साल के कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार हुआ है। ये सफ़ाई व्यवस्था पेय जल व्यवस्था को देखने कभी शहर में निकले ही नहीं है। सिर्फ़ निविदा बाटने और भ्रष्टाचार करने से कभी फुरसत ही नहीं मिला इनको। अध्यक्ष की नैतिक जिम्मेदारी बनती हैं कि, वह अपने पद से इस्तीफा दें-दें।

अध्यक्ष सुदेश मेश्राम बोले- मैंने किया चौमुखी विकास –

इस पुरे मामले पर नगर पालिका अध्यक्ष सुदेश मेश्राम ने पूरे मामले को लेकर कहा कि, मैने शहर में चौमुखी विकास किया है और यह बात डोंगरगढ़ की जनता जानती है। दो निर्दलीय पार्षद उमा महेश वर्मा और अलका सहारे ने भाजपा का दामन संभाला हैं वो खुद अपने वार्डो को देखे सबसे ज्यादा काम इनके वार्डो में ही हुआ है। मैने अपने कार्यकाल में स्टेडियम, रोड, नाली इत्यादि का काम शहर में किया है। ये डोंगरगढ़ की जनता जानती है की मैं भ्रष्टाचारी हूं की नहीं ?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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