VIDEO: Don’t shout at me…’ Why did CJI Chandrachud hold a lawyer’s class in the packed court? Know the whole matter
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चुनावी बांन्ड पर ऐतिहासिक फैसले के बाद सोमवार को तिखा नोकझोंक देखने को मिला. संवैधानिक पीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अधूरा डेटा दिया था. एक बहस के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा को फटकार लगाई.
चुनावी बांड मामले में वकील नेदुम्पारा ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘यह बिल्कुल भी न्यायसंगत मुद्दा नहीं था, यह एक नीतिगत मामला था और इसमें अदालतों को दखल नहीं देना चाहिए था. इसीलिए लोगों को लगता है कि यह फैसला उनकी पीठ पीछे दिया गया है.’
चिल्लाओ मत –
इस दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ नेदुम्पारा को थोड़ी देर रुक कर उनकी बात सुनने को कहते रहे, लेकिन वे रुकने के बजाए बोलते रहे और कहा, ‘मैं भी इस देश का नागरिक हूं.’ इस बात पर, सीजोआई ने जोर से कहा, “एक सेकंड, मुझ पर चिल्लाओ मत.” इसके बाद बचाव करते हुए नेदुम्पारा ने कहा, ‘नहीं…नहीं, मैं बहुत नरम हूं.’
पब्लिक स्पीच पार्क नहीं है यह –
मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा, ‘यह हाइड पार्क कॉर्नर या ओपन पब्लिक स्पीच का जगह नहीं है, आप अदालत में हैं. आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं, एक आवेदन दायर करें. आपको मुख्य न्यायाधीश के रूप में मेरा निर्णय मिल गया है, हम आपकी बात नहीं सुन रहे हैं. यदि आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं, इसे ईमेल करें. इस अदालत में यही नियम है.’
आप न्याय प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं –
लेकिन नेदुम्परा बोलते रहे, तब न्यायमूर्ति बीआर गवई ने हस्तक्षेप किया, ‘आप न्याय प्रशासन की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं!’ फिर भी वह बोलते रहे, तब पीठ ने कहा, ‘बस, जब तक आप निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगे तब तक हम आपकी बात नहीं सुनेंगे.’ इसके बाद नेदुम्पारा ने कहा कि वे एक आवेदन फाइल कर रहे हैं, मैं रात तक दिल्ली पहुंच तरहा हूं. पीठ से कहा- ‘हमारे प्रति दयालु रहें, लेकिन, पीठ टस से मस नहीं हुई.’
अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल की दलीलें सुनने से भी इनकार कर दिया, जो सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप करना चाहते थे.

