CG BREAKING : ED ने की लंबी पूछताछ, शराब कारोबारियों और अधिकारी को छोड़ने की चर्चा या कोर्ट में पेशी, जानें रेड पर बड़ा अपडेट

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CG BREAKING: ED’s long inquiry, discussion of releasing liquor traders and officers or appearing in court, know big update on Raid

रायपुर। शराब के धंधे में मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी ने कई कद्दावर लोगों को फिलहाल छोड़ दिया है. ईडी की टीम ने बुधवार को कई शराब कारोबारी, कांग्रेस नेता और कुछ प्रभावशाली अधिकारियों के ठिकानों पर दबिश दी थी. मैराथन पूछताछ के बाद कई प्रभावशाली चेहरों के अलावा कुछ अन्य लोगों को ईडी दफ़्तर लाया गया था. क़यास लगाए जा रहे थे कि ईडी कुछ लोगों के ख़िलाफ़ प्रकरण दर्ज कर कोर्ट में पेश करेगी, लेकिन खबर आई है कि ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद फ़िलहाल छोड़ दिया है. साथ ही दोबारा तलब करने के इरादे से नोटिस भी दिया है.

18 लोगों के 26 ठिकानों पर छापेमारी –

दरअसल, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में करीब 18 लोगों के 26 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें से प्रवर्तन निदेशालय की टीम 11 लोगों को पूछताछ के लिए ऑफिस ले आई थी. अब उन सभी अधिकारी और शराब कारोबार से जुड़े लोगों को छोड़ दिया गया है. इसमें प्रदेश के सबसे प्रभावशाली अधिकारी और एपी त्रिपाठी समेत अधिकांश को छोड़ दिया गया है. बताया ये भी जा रहा है कि कुछ लोगों से अभी भी पूछताछ जारी है.

कहां-कहां पड़े छापे ? –

दरअसल, कोल परिवहन में अवैध उगाही मामले की जांच कर रही ईडी ने शराब कारोबारियों के घर मंगलवार को दबिश दी. ईडी ने शराब कारोबारियों के साथ-साथ आबकारी महकमे से जुड़े अधिकारियों के घर पर भी रेड की कार्रवाई की. ईडी की कार्रवाई का दायरा रायपुर, दुर्ग-भिलाई से बिलासपुर तक रहा.

एपी त्रिपाठी के ठिकानों पर मारा छापा –

ईडी ने राज्य के बड़े शराब कारोबारियों अमोलक सिंह भाटिया, पप्पू भाटिया, अनवर ढेबर, विनोद बिहारी, सौरभ केडिया, मनजीत चावला सहित अन्य लोगों के ठिकानों पर दबिश दी. साथ ही आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी, एडीओ जनार्दन कौरव के ठिकानों पर भी छापा मारा है. करीब दो साल पहले त्रिपाठी के ठिकानों पर इनकम टैक्स ने भी दबिश दी थी. तब बड़े पैमाने पर दस्तावेज हासिल किए गए थे.

दस्तावेजों को खंगालने के साथ कड़ी पूछताछ –

ईडी की अलग-अलग टीम शराब कारोबार और आबकारी विभाग से जुड़े लोगों के ठिकानों पर सुबह छह बजे ही पहुंच गई थी. ईडी ने सभी घरों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था. सीआरपीएफ के जवानों ने घेराबंदी की. साथ ही ईडी की टीम दस्तावेजों को खंगालने के साथ-साथ कड़ी पूछताछ भी की.

इन जिलों में पड़े ताबड़तोड़ छापे –

बता दें कि मंगलवार को ईडी ने रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और भिलाई में बड़े उद्योगपति समेत कारोबारियों और अधिकारी के 16 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी थी. ईडी की जांच देर रात तक चली.

उद्योगपति कमल सारडा के ठिकानों में दबिश –

इस दौरान ईडी ने उद्योगपति कमल सारडा, जमीन दलाल सुरेश बांदे, सीए प्रमोद जैन, खनिज विभाग के संचालक रहे के डी कुंजाम, उद्योग विभाग के अधिकारी शुक्ला, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल व दामाद नितिन के दफ्तरों में दबिश देकर जांच पड़ताल की थी.

केंद्र सरकार और ED पर CM भूपेश का हमला –

गौरतलब है कि इसके पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और ED पर हमला बोला था. CM भूपेश बघेल ने कहा था कि आज छत्तीसगढ़ में फिर ईडी (ED) के छापे पड़े हैं. उद्योगपति, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, विधायक, अधिकारी, किसान कोई ऐसा वर्ग बचा नहीं है, जहां छापा ना डाला हो. छापा नहीं डलता तो केवल मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और कर्नाटक में लगता है वहां ईडी का ऑफिस ही नहीं है.

आगे सीएम बघेल ने कहा था कि महाराष्ट्र में जब तक उद्धव ठाकरे तक की सरकार थी तब तक ईडी, सीबीआई, सेंट्रल एजेंसी सब सक्रिय थी. जैसे ही सरकार बदली खरीद-फरोख्त हुआ, उसके बाद से उसका कोई काम नहीं रहा है. भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के नेता और राष्ट्र नेताओं द्वारा सब किया जा रहा है. ईडी निष्पक्ष होना चाहिए. कर्नाटक में जहां 6 करोड़ एक विधायक के यहां मिला उसको बेल मिल गया. आज पता चला हाईकोर्ट ने उस बेल को खारिज कर दिया. वहां छापा नहीं डालते यह स्थिति देश की है.

 

 

 

 

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