फ्लाई ऐश को लेकर कोरबा कलेक्टर, सहित कई अधिकारियों को हाई कोर्ट की नोटिस.. अपनी साख बचाने प्रशासन ने बालको प्रबंधन को भेजा नोटिस…

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बिलासपुर/कोरबा। दो दिन पहले ही राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा जिले में यहां-वहां फ्लाई ऐश फेंके जाने पर अधिकारियों को आड़े हाथ लिया था, इसी बीच फ्लाई ऐश से परेशान एक नागरिक की जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने कोरबा कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी सहित 6 विभागों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

बालको क्षेत्र के झगरहा ग्राम के मृगेश यादव ने अधिवक्ता नुपूर त्रिवेदी के जरिये दाखिल याचिका में बताया है कि क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। फ्लाई ऐश से भरे वाहनों की आवाजाही से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यहां के पावर प्लांट से निकलने वाला राखड़ सड़कों पर डंप कर दिया जाता है, जिससे प्रदूषण फैलने के साथ दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। इसके अलावा ग्राम में फ्लाई एश भरे मालवाहकों को तौलने के लिए धर्मकांटा लगा देने के कारण समस्या और बढ़ गई है।

फ्लाई ऐश को लेकर बालको को प्रशासन का नोटिस

बालको के बिजली कारखाने से राख लेकर ट्रकों से कहीं भी फेंकें जाने की शिकायत लगभग 2 साल से की जा रही है, मगर बालको प्रबंधन को इस मसले को लेकर चेतावनी भरा नोटिस अब भेजा गया है। एक दिन पहले ही जब राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथ लिया तब जाकर जिले के पर्यावरण संरक्षण अधिकारी शैलेष पिस्दा ने बालको प्लांट के डिप्टी COO देवेंद्र पटेल को नोटिस जारी किया है। इसमें उल्लेख है कि प्रबंधन द्वारा भिलाई खुर्द के लो लाइन एरिया में जिस तरह राख फेंकी गई है, वो भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाईन का उल्लंघन है। नोटिस का जवाब 3 दिनों के भीतर देने की बात कहते हुए प्रबंधन को प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप

कोरबा में फ्लाई ऐश और प्रस्तावित टीपी नगर के मुद्दे को लेकर मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा नाराजगी जताये जाने के बाद कांग्रेस-भाजपा के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ राजीव सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित टीपी नगर के आसपास मंत्री के मित्रों और रिश्तेदारों की जमीन है, इसलिए वे बरबसपुर में ही टीपी नगर बनाने में रूचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में राखड़ डंपिंग की जा रही है, उस क्षेत्र में संबंधित विभाग के द्वारा 74 एकड़ के आसपास जमीन राखड़ डंपिंग हेतु ही आबंटित की गई है और इसी जमीन में से 42 एकड़ जमीन पर नया ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है, जबकि असलियत यह है कि मंत्री जयसिंह अग्रवाल के करीबी पार्षद एवं कांग्रेस के नेताओं के द्वारा ही राखड़ डंपिंग का ठेका लिया गया है और उस क्षेत्र में राखड़ डंपिंग करवाई जा रही है ।

उधर कोरबा महापौर और मंत्री के खासम-खास राज किशोर प्रसाद ने प्रेस वार्ता लेकर आरोप लगा दिया कि भाजपा के जिलाध्यक्ष कोरबा जिला प्रशासन के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। वहीं फ्लाई ऐश के मुद्दे पर महापौर ने कहा कि यह समस्या पिछले कई सालों से है और हमने कई बार प्लांटों को नोटिस भेजकर कार्रवाई की है।

बहरहाल प्रशासन को फटकार और भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप के बीच अगर जिले में कहीं भी पावर प्लांटों की राख यहां-वहां फेंके जाने की मनमानी पर रोक लग जाये तो इससे जिले के नागरिकों का भला ही होगा और उन्हें फ्लाई ऐश की राख से मुक्ति तो मिलेगी।

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