BIG NEWS: BJP central minister trapped in 13-year-old jewelery theft case, arrest warrant issued
डेस्क। पश्चिम बंगाल के अलीद्वारपुर में एक निजी अदालत ने केंद्रीय मंत्री निशित प्रमाणिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। जिस मामले में प्रमाणिक घिरे हैं, वह 2009 में दो ज्वैलरी स्टोर में चोरी से जुड़े हैं।
इस मामले की सुनवाई ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई, जहां केंद्रीय मंत्री की पैरवी के लिए कोई वकील मौजूद नहीं था। हालांकि, जब कोर्ट ने इस मामले में वारंट जारी किया, तब भाजपा के एक सांसद अदालत में ही थे। बताया गया है कि मंत्री के साथ-साथ इस मामले में एक और आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। फिलहाल प्रमाणिक के वकील दुलाल घोष ने आगे के कदमों की जानकारी नहीं दी है। अलीपुरद्वार के एसपी ने भी गिरफ्तारी वारंट को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।
गौरतलब है कि जिस घटना में प्रमाणिक आरोपी बनाए गए हैं, वह 13 साल पहले अलीपुरद्वार के रेलवे स्टेशन के पास और बीरपाड़ा में एक ज्वैलरी की दुकान में चोरी से जुड़ा है। सरकारी वकील जहार मजूमदार ने न्यूज एजेंसी को बुधवार को बताया कि यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश से उत्तर 24 परगना जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट से अलीपुरद्वार कोर्ट ट्रांसफर किया गया था।
प्रमाणिक उत्तर बंगाल में बांग्लादेश सीमा से लगते दिनहटा शहर के रहने वाले हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। इससे पहले प्रमाणिक तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थे। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से निकाल दिया गया था।
विस्तार पश्चिम बंगाल के अलीद्वारपुर में एक निजी अदालत ने केंद्रीय मंत्री निशित प्रमाणिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। जिस मामले में प्रमाणिक घिरे हैं, वह 2009 में दो ज्वैलरी स्टोर में चोरी से जुड़े हैं।
इस मामले की सुनवाई ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई, जहां केंद्रीय मंत्री की पैरवी के लिए कोई वकील मौजूद नहीं था। हालांकि, जब कोर्ट ने इस मामले में वारंट जारी किया, तब भाजपा के एक सांसद अदालत में ही थे। बताया गया है कि मंत्री के साथ-साथ इस मामले में एक और आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। फिलहाल प्रमाणिक के वकील दुलाल घोष ने आगे के कदमों की जानकारी नहीं दी है। अलीपुरद्वार के एसपी ने भी गिरफ्तारी वारंट को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।
गौरतलब है कि जिस घटना में प्रमाणिक आरोपी बनाए गए हैं, वह 13 साल पहले अलीपुरद्वार के रेलवे स्टेशन के पास और बीरपाड़ा में एक ज्वैलरी की दुकान में चोरी से जुड़ा है। सरकारी वकील जहार मजूमदार ने न्यूज एजेंसी को बुधवार को बताया कि यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश से उत्तर 24 परगना जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट से अलीपुरद्वार कोर्ट ट्रांसफर किया गया था।
प्रमाणिक उत्तर बंगाल में बांग्लादेश सीमा से लगते दिनहटा शहर के रहने वाले हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। इससे पहले प्रमाणिक तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थे। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से निकाल दिया गया था।

