रायपुर। भिलाई के नेहरू नगर कालीबाड़ी निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय ड्यूटी के दौरान लैंडस्लाइड की चपेट में आकर शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को इंफाल से आर्मी के दिल्ली हेड क्वार्टर लाया गया। परिवार के सदस्यों को आर्मी के ऑफिसर्स ने समझाया कि कपिल केवल भिलाई का ही बेटा नहीं था वो पूरे देश का बेटा था। लैंडस्लाइड में फंसने से उसका पार्थिव शरीर इस लायक नहीं है कि उसे भिलाई ले जाया जा सके। बाद में सभी ने यह तय किया उसका अंतिम संस्कार दिल्ली में किया जाए। नई दिल्ली के बरार स्क्वायर मुक्ति धाम में उनका अंतिम संस्कार शाम चार बजे किया जाएगा। पत्नी,मां और बहन सहित परिवार के अन्य लोग सोमवार को दिल्ली के लिए सुबह इंडिगो के विमान से रवाना हुए।
जैसे कि मालूम हो इंफाल में वो रेलवे ट्रैक बिछाए जाने के लिए बनाए गए आर्मी कैंप को लीड कर रहे थे। जब उनके भूस्खलन में फंसने की बात सामने आई तो किसी को ये विश्वास नहीं हो रहा था कि कपिल की जान जा सकती है। रविवार दोपहर को जब आर्मी कैंप से फोन आया कि कपिल नहीं रहे तो उनकी बात का विश्वास ही नहीं हो रहा था।कपिल देव पांडेय के चाचा ने बताया कि लैंडस्लाइड में लापता होने की घटना के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ था। फोन की घंटी बजते ही कपिल की मां डर जाती थी। वो तुरंत फोन उठाती और यही पूछती कि कपिल कैसा है। रविवार को जब उसके दुनिया से जाने की खबर आई तो मां और बड़ी बहन पूरी तरह टूट सी गई हैं। उनकी बहन भावना पांडेय ने कहा कि कपिल हर शनिवार या रविवार को फोन करके मां और उनसे बात करता था। न जाने उसे ऐसा क्या महसूस कि उसने बुधवार को आर्मी बेस कैंप से दुर्घटना से कुछ सेकेंड पहले फोन किया। शायद उसे कुछ आभास हुआ होगा और उसने अपनी मां के अंतिम दर्शन करने के लिए वीडियो कॉल किया। भिलाई हीं नहीं बल्कि पूरा देश कपिल की शहादत को लेकर शोकाकुल है.
भिलाई के शहीद बेटे कपिल का अंतिम संस्कार दिल्ली में आज शाम,परिजन हुए रवाना
Date:

