रायपुर। महात्मा गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज के खिलाफ सोमवार को 90वे दिन 100 पन्नों का चालान पेश करेगी। इसे सीजेएम भूपेन्द्र वासनीकर की अदालत में पेश किया जाएगा। निर्धारित अवधि में चालान पेश नहीं करने पर निचली अदालत में आसानी से जमानत मिल सकती थी। इसे देखते हुए पुलिस ने चालान तैयार करने के बाद त्रुटि की जांच करने विधि विभाग के पास भेजा था।
इसकी जांच करने के बाद अब गवाहों की सूची के साथ ही आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करने और सामाजिक सौहाद्र बिगाडने का उल्लेख चालान में किया गया है। साथ ही बताया गया है कि दिसंबर 2022 में आयोजित धर्म संसद के दौरान बापू का अपमान: रायपुर पुलिस की जांच कालीचरण द्वारा सार्वजनिक रूप से महात्मा गांधी को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग किया था। इस मामले में राजद्रोह की धारा लगाई गई है।
आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद नहीं मांगी
कालीचरण महाराज ने 25 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय धर्म संसद के दूसरे दिन महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद नाराज धर्म संसद के आयोजकों ने नाराजगी जताई थी।कालीचरण महाराज के अधिवक्ता मेहल जेठानी ने बताया कि निचली अदालत में जमानत आवेदन खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में आवेदन लगाया गया है। फिलहाल आवेदन को लंबित रखा गया है। चालान पेश करने के बाद कोर्ट को इस संबंध में बताया जाएगा। साथ ही जल्दी सुनवाई करने की अपील की जमानत पर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई निगम के सभापति प्रमोद दुबे ने कालीचरण के खिलाफ टिकरापारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. थी। इसके बाद राज्य पुलिस की टीम ने मध्यप्रदेश के खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम से 30 दिसंबर को गिरफ्तार किया था।

