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नड्डा के बाद कौन होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा में मंथन शुरू

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। ऐसे में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव जल्द कराना चाहती है और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है । अटकलें लगाई जा रही हैं कि चुनावी रूप से व्यस्त साल 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा संगठन से सरकार तक कई बड़े बदलाव कर सकती है। कहा जा रहा है कि भाजपा कुछ मंत्रियों को और खासतौर से चुनावी राज्यों के मंत्रियों के पार्टी का काम सौंप सकती है।भाजपा के  कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक यहां 16-17 जनवरी को होगी और इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी जा सकती है। हालांकि नड्डा के कार्यकाल विस्तार पर संशय भी है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि हो सकता है राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी इस बार किसी और को सौंपी जाए और इसके लेकर कुछ नाम चर्चा में चल रहे हैं।

इसी महीने खत्म हो रहा नड्डा का कार्यकाल
पार्टी प्रमुख के रूप में नड्डा का तीन साल का कार्यकाल इस महीने के अंत में पूरा हो रहा है और इस बात की संभावना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। हालांकि हिमाचल प्रदेश में भाजपा को मिली हार के बाद से नड्डा के कार्यकाल विस्तार पर संशय भी है। हिमाचल चुनाव में नड्डा अपने क्षेत्र में भी सीटें नहीं बचा पाए थे। हिमाचल में भाजपा के दो खेमों में बंटने की भी खबरें आई थीं जिससे पार्टी को वहां नुकसान उठाना पड़ा था।

बता दें कि नड्डा के पूर्ववर्ती और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारी का नेतृत्व करने के लिए कार्यकाल का विस्तार मिला था। संसदीय चुनावों के बाद ही भाजपा के संगठनात्मक चुनाव शुरू हुए और नड्डा को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया और प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान शाह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। एक अनुभवी संगठनात्मक व्यक्ति नड्डा के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नेतृत्व के साथ भी अच्छे संबंध हैं और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का विश्वास हासिल है।

ये नाम भी रेस में
अटकलें हैं कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी अगले अध्यक्ष बन सकते हैं। प्रधान को पार्टी में संकटमोचक की तरह ही देखा जाता है। पीएम मोदी कई बार उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंप चुके हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लेकर सरकार जब संघर्ष कर रही थी, तब तत्कालीन शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल को हटाकर प्रधान को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा पार्टी राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नाम पर भी विचार कर सकती है। साल 2019 में भी मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बाद अध्यक्ष पद का बड़ा दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने नड्डा को जिम्मेदारी दी।

खास बात है कि यादव राजस्थान से आते हैं और इस साल सियासी नजरिए से अहम इस राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। वहीं गुजरात के नवसारी से सांसद चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल (सीआर पाटिल) का नाम भी रेस में है। दरअसल पिछले साल गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली बंपर जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीआर पाटिल को दिया था। सीआर पाटिल गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पीएम मोदी ने पाटिल की काफी तारीफ की थी। ऐसे में अटकलें हैं कि उनको भी 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

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