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VIDEO : जस्टिन बीबर का आधा चेहरा हुआ पैरालाइज, एक वायरस ने किया ये हाल, लक्षणों को नही करना चाहिए अनदेखा

Half of Justin Bieber’s face is paralyzed, a virus has caused this condition, symptoms should not be ignored

डेस्क। फेमस हॉलीवुड सिंगर जस्टिन बीबर के गानों का हर कोई फैन है. उनके फैंस के लिए एक बुरी खबर यह है कि जस्टिन बीबर के आधे चेहरे पर पैरालिसिस हो गया है, जिस कारण उन्होंने अपने कॉन्सर्ट भी कैंसल कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर उन्होंने बताया कि उन्हें एक काफी दुर्लभ बीमारी हो गई है, जिसके कारण उनका आधा चेहरा पैरालाइज हो गया है और उनकी आंख भी सही तरह से नहीं खुल पा रही है. जस्टिन बीबर ने वीडियो शेयर करके कहा ‘यह बीमारी मुझे एक वायरस की वजह से हुई है, जो मेरे काम और मेरे चेहरे की नसों पर अटैक कर रहा है. इसकी वजह से मेरे चेहरे के एक तरफ पूरी तरह पैरालिसिस हो गया है. आप यह देख सकते हैं कि मेरी एक आंख झपक नहीं रही है. इस तरफ से मैं स्माइल भी नहीं कर सकता हूं और इस तरफ की मेरी नाक भी नहीं हिल रही है.’

जस्टिन बीबर को जो गंभीर बीमारी हुई है उसका नाम रामसे हंट सिंड्रोम है. रामसे हंट सिंड्रोम बीमारी क्या है? इसके लक्षण क्या हैं? और किन लोगों को इसका खतरा होता है, यह भी जान लीजिए.

क्या है रामसे हंट सिंड्रोम? –

Healthline के मुताबिक, रामसे हंट सिंड्रोम तब होता है, जब दाद या चकत्ते कान के पास की चेहरे की नसों को प्रभावित करता है. यह स्थिति हर्पीज जोस्टर ओटिकस नाम के वायरस के कारण होती है. सामान्य वैरीसेला-जोस्टर वायरस चिकन पॉक्स का भी कारण बनता है, जो बच्चों में सबसे कॉमन होता है. यदि किसी को कभी भी चिकन पॉक्स हुआ है तो वह वायरस कभी भी एक्टिव हो सकता है और दाद का कारण बन सकता है.

दाद और चिकन पॉक्स दोनों को शरीर के जिन हिस्सों को प्रभावित करते हैं, उन हिस्सों में काफी दाने दिखाई देते हैं. कानों से चेहरे तक की नसों के पास के दाने के चेहरे की नसों और कान दर्द समेत कई समस्याओं का कारण बन सकता है. इस स्थिति को रामसे हंट सिंड्रोम कहा जाता है. इस स्थिति में इंसान के चेहरे में पैरालिसिस या लकवा भी हो सकता है.

रामसे हंट सिंड्रोम के  लक्षण –

रामसे हंट सिंड्रोम के सबसे अधिक दिखाई देने वाले लक्षण कानों के पास दाद या चकत्ते या फिर चेहरे के आसपास पैरालिसिस है. इस सिंड्रोम के कारण जब चेहरा लकवाग्रस्त हो जाता है तो चेहरे के मसल्स पर कंट्रोल रखना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसा लगता है कि आपका आधा चेहरा बेजान हो चुका है.

कुछ मामलों में रामसे हंट सिंड्रोम में लाल, मवाद से भरे फफोले भी देखे जा सकते हैं ये दाने या फफोले कान के अंदर, बाहर या आसपास हो सकते हैं. कुछ मामलों में दाने आपके मुंह में भी दिखाई दे सकते हैं, खासकर ऊपर की ओर या गले में. रामसे हंट सिंड्रोम के ये भी सामान्य लक्षणों हैं:

– प्रभावित कान में दर्द
– गर्दन में दर्द
– कान में आवाज आना
– बहरापन
– चेहरे के प्रभावित हिस्से वाली आंख बंद न होना
– स्वाद में कमी
– चक्कर आना

रामसे हंट सिंड्रोम का कारण और जोखिम –

रामसे हंट सिंड्रोम वायरस के कारण होता है. क्योंकि रामसे हंट सिंड्रोम दाद के कारण होता है इसलिए उन लोगों को ही इसका खतरा अधिक होता है, जिन्हें पहले चिकन पॉक्स हो चुका है, 60 वर्ष से अधिक उम्र हो चुकी है या फिर जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है.

रामसे हंट सिंड्रोम का इलाज –

रामसे हंट सिंड्रोम के लिए मार्केट में काफी सारी दवाएं मौजूद हैं, जिन्हें डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं. ये दवाएं उस वायरस को खत्म करती हैं. वहीं डॉक्टर आपकी स्थिति देखकर भी अलग-अलग तरह की दवाएं सजेस्ट कर सकता है.

रामसे हंट सिंड्रोम में कुछ परमानेंट कॉम्पलिकेशन देखने मिल सकते हैं. हालांकि, अगर इसका इलाज बहुत लंबे समय तक नहीं किया जाता तो चेहरे के मसल्स कमदजोर हो सकते हैं या फिर सुनने की क्षमता भी कम हो सकती है.

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