US ISRAEL IRAN WAR IMPACT : Fear of oil crossing $100
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में फिर जंग जैसे हालात बन गए हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जोरदार हमले किए, जिसके बाद तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसका सीधा असर अब जेब और निवेश पर पड़ सकता है।
सबसे पहला झटका तेल में लगेगा
ईरान बड़ा तेल उत्पादक देश है और हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है। अगर ये रास्ता बंद होता है या शिपमेंट रुकती है, तो कच्चा तेल 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। अभी हाल तक यह करीब 73 डॉलर के आसपास था। यानी पेट्रोल-डीजल महंगा होना लगभग तय माना जा रहा है।
दूसरा असर शेयर बाजार पर दिखेगा
वैश्विक बाजार पहले ही टैरिफ और टेक शेयरों की बिकवाली से दबाव में थे। अब युद्ध की आंच से अस्थिरता और बढ़ सकती है। VIX इंडेक्स पहले ही इस साल करीब 15% चढ़ चुका है। एशियाई बाजारों में सोमवार को तेज हलचल दिख सकती है। एविएशन और डिफेंस सेक्टर खास फोकस में रहेंगे।
तीसरा असर करेंसी मार्केट में होगा
अगर तेल सप्लाई बाधित होती है, तो अमेरिकी डॉलर मजबूत हो सकता है। जापानी येन और स्विस फ्रैंक जैसे सेफ हेवन करेंसी को भी सपोर्ट मिल सकता है। इजराइल की मुद्रा शेकेल पर दबाव बढ़ सकता है।
चौथा असर सोना-चांदी पर
तनाव बढ़ते ही निवेशक सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते हैं। सोना इस साल पहले ही 22% तक चढ़ चुका है। चांदी ने भी दमदार रिटर्न दिया है। ऐसे माहौल में गोल्ड-सिल्वर में नई तेजी से इनकार नहीं किया जा सकता।
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की मांग बढ़ सकती है, लेकिन बिटकॉइन अब सेफ हेवन की छवि खो चुका है और हाल में भारी गिरावट झेल चुका है। यानी जंग की आंच सिर्फ सीमाओं तक नहीं रहेगी, इसका असर आपकी जेब, निवेश और बाजार पर साफ दिख सकता है।

