छत्तीसगढ़ तीर्थंकरों की भूमि है,यहां 22 संत एक साथ पहुंचे हुए हैं-शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज
00 सत्यार्थ बोध ग्रंथ का मुख्यमंत्री बघेल ने किया विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फाफाडीह के सन्मति नगर में आयोजित विशुद्ध वर्षा योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा विरचित और ताम्रपत्र पर छपे -सत्यार्थ बोध ग्रंथ का विमोचन किया.मुख्यमंत्री ने कहा इस साल का चातुर्मास हम सबके लिए यादगार रहेगा। कार्यक्रम का आयोजन सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा किया गया था।
सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित विशुद्ध वर्षा योग 2022 कार्यक्रम में शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने छत्तीसगढ़ की महत्ता बताते हुए मंगल आशीष में कहा कि कहा कि छत्तीसगढ़ तीर्थंकरों की भूमि है, यहां भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मस्थली है। बच्चे को मां से ज्यादा दुलार ननिहाल में मिलता है। इसी कारण यहां 22 संत एक साथ पहुंचे हुए हैं। जहां संत का आगमन होता है, वहां जियो और जीने दो जैसे पवित्र विचार का संचार भी स्वाभविक रूप से होता है। विशुद्ध सागर जी महाराज ने कहा कि विश्व में कट्टरता और अहिंसा का बोलबाला है, लेकिन अंत में उन्हें अहिंसा का ही निर्णय लेना पड़ेगा। इन विचारों और सिद्धांतों की आज सबसे ज्यादा आवश्यकता है
मुख्यमंत्री ने कहा इस साल का चातुर्मास हम सबके लिए यादगार रहेगा। वैसे भी चातुर्मास का सबको इंतजार रहता है। तपती धूप के बाद जैसे धरती को भी जल का इंतजार रहता है और वनस्पति और जीवों को भी पानी का इंतजार रहता है, वर्षा की फुहार पड़ती है तो धरती तृप्त हो जाती है। उत्साह का संचार होता है। उसी प्रकार चातुर्मास में संत का आगमन हो तो, वैसे ही प्रसन्नता होती है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृहनिर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल उपस्थित थे।
