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बच्चों के भोजन में फिनाइल गोली मिलाने मामले में हाईकोर्ट ने जमकर फटकारा, कहा पहले कुत्ते का जूठा खाना, अब फिनाइल गोली

CG High Court
CG High Court

रायपुर/ सुकमा. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आवासीय पोटाकेबिन विद्यालय के मासूमों की थाली में फिनाइल मिलने की घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया है. प्रशासन ने मामले में बीएनएस की धारा 109 (हत्या के प्रयास का मामला) के तहत FIR दर्ज करा दी है. वहीं एक शिक्षक को हिरासत में लिया है. इस मामले को हाईकोर्ट ने घोर लापरवाही मानते हुए सीधे मुख्य सचिव को निगरानी करने का आदेश दिया है. घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है और विपक्ष ने इसे बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ बताते हुए सरकार को घेरा है. पुलिस ने पाकेला पोटाकेबिन स्कूल में पदस्थ शिक्षक धनंजय साहू को हिरासत में लिया है. हालांकि, हिरासत से पहले साहू ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है और पोटाकेबिन अधीक्षक उनसे द्वेष रखते हैं. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले में कई पेच हैं, जिनकी जांच पुलिस करेगी.

 

हाईकोर्ट बिफरा, पहले कुत्ते का जूठा खाना, अब फिनाइल…
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने मंगलवार को जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा- ‘कुत्ते का जूठा खाना परोसे जाने के बाद अब फिनाइल मिला भोजन बच्चों को दिया जा रहा है. राज्य के स्कूलों में इस समय चल क्या रहा है. चीफ जस्टिस ने कहा- यह छोटी नहीं, बहुत बड़ी लापरवाही है. अगर केजुअल्टीज हो जातीं तो हालात संभालना मुश्किल हो जाता.’ उन्होंने पूरे मामले की जांच जिला दंडाधिकारी की निगरानी में कराने का निर्देश दिया. साथ ही राज्य के मुख्य सचिव को लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा. उन्होंने कहा कि इस घटना का जिम्मेदार आखिर कौन है इसकी पूरी जांच की जाये.

15 जिम्मेदारों को नोटिस

छिंदगढ़ बीईओ-बीआरसी, पोटाकेबिन अधीक्षक व सहायक अधीक्षक समेत 15 अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है. डीएमसी उमा शंकर तिवारी के मुताबिक मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज करा दी गई है.

शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सुकमा में आवासीय पोटा केबिन में बच्चों के खाने में फिनाइल डालने के मामले में तत्काल संज्ञान लेकर कलेक्टर को जांच के निर्देश दिए. उन्होंने कलेक्टर से कहा कि यह मामला आपराधिक बनता है. इसकी पुलिस जांच करते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसमें किसी को भी न बख्शा जाए. शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह आपराधिक मामला है. इसकी पुलिस से जांच कराई जाए. इसके अलावा उन्होंने सुकमा के जिला शिक्षा अधिकारी को भी निर्देशित किया कि वे मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति से अवगत होते हुए कार्रवाई करें.

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