HEMANT SOREN ED CASE : Soren gets relief
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने हेमंत सोरेन की विशेष अनुमति याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किया। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को बरकरार रखा था।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ईडी ने कई बड़े मामले दर्ज कर रखे हैं, बेहतर होगा कि अपनी ऊर्जा बड़े मामलों पर लगाई जाए, जिससे सकारात्मक परिणाम मिल सकें।
ईडी की ओर से दलील दी गई कि हेमंत सोरेन को सात बार समन भेजा गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इस पर सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीन बार पेश हुए थे, लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या है पूरा मामला
ईडी ने सोरेन के एक सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए थे। इसके बाद पीएमएलए के तहत मामला दर्ज हुआ। रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 174 के तहत समन जारी किया था।
हेमंत सोरेन ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। फिलहाल शीर्ष अदालत के आदेश से निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लग गई है।

