BREAST TAX FACEBOOK POST CASE : FIR on breast tax post, Supreme Court raises questions!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में ऐतिहासिक ‘ब्रेस्ट टैक्स’ को लेकर फेसबुक पोस्ट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए हैं। सोमवार को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि पुलिस को बड़े मामलों पर ध्यान देना चाहिए और ऐसी पोस्ट पर एफआईआर दर्ज करने की जरूरत पर सवाल किया।
क्या था फेसबुक पोस्ट का मामला?
यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता रूपनारायण एक्का की 13 अप्रैल 2025 को की गई फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, पोस्ट में हिंदू महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसके बाद ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष दीपक मिश्रा की शिकायत पर कुनकुरी थाने में एफआईआर दर्ज हुई।
एक्का की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि पोस्ट में ऐतिहासिक ‘ब्रेस्ट टैक्स’ का जिक्र था। उनके मुताबिक, इतिहास से जुड़ी किसी बात पर राय रखना अपने आप में अपराध नहीं है।
हाईकोर्ट से राहत नहीं, अब सुप्रीम कोर्ट में मामला
एक्का के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 353(2) के तहत केस दर्ज है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि नोटिस जारी होने के बाद भी एक्का पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। अदालत ने उन्हें बुलाए जाने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने पहले जांच में सहयोग की शर्त पर कठोर कार्रवाई से अंतरिम राहत दी थी।
अब मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होनी है। फिलहाल एफआईआर की वैधता और अग्रिम जमानत पर अंतिम फैसला आना बाकी है।
