SINGHAL STEEL PLANT ACCIDENT : Worker dies due to safety negligence!
रायगढ़। सिंघल स्टील प्लांट में काम के दौरान हुई दुर्घटना में एक श्रमिक की मौत ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि हादसे के वक्त मजदूर को जरूरी सुरक्षा उपकरण ही नहीं दिए गए थे। इस लापरवाही के लिए कंपनी के सुपरवाइजर के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया गया है।
10 सितंबर को गिरा, 12 सितंबर को मौत
पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के तराईमाल स्थित प्लांट में 10 सितंबर को 40 वर्षीय मजदूर बाबर अली ऊंचाई पर काम कर रहा था। तभी वह लोहे के खंभे से गिर गया और सिर, छाती व पैर में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 12 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आई भारी लापरवाही
प्राथमिक जांच में पता चला कि बाबर अली जिस जगह काम कर रहा था, वहां सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और अन्य अनिवार्य उपकरण उपलब्ध ही नहीं थे। काम सुपरवाइजर राका सिंह सिदार की निगरानी में कराया जा रहा था, पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन पर बीएनएस की धारा 289 और 106(1) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मजदूर संगठनों का कहना है कि उत्पादन के दबाव में सुरक्षा नियम अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं और उसकी कीमत मजदूरों को जान देकर चुकानी पड़ती है। एक श्रमिक नेता ने कहा कारखानों में सुरक्षा सिर्फ कागजों में दिखती है, असल में मजदूर रोज जान जोखिम में डालते हैं।
परिजनों में आक्रोश और मुआवजे की मांग
मृतक बाबर अली के परिवार ने पुलिस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन कंपनी प्रबंधन पर भी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। गांव वालों का कहना है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था सही होती, तो हादसा टल सकता था।
क्या मिलेगा न्याय या मामला ठंडा पड़ जाएगा?
स्थानीय लोग कहते हैं कि कई हादसों में शुरुआत में कार्रवाई होती है, लेकिन बाद में मामला समझौते या दबाव में दब जाता है। अब देखना यह है कि बाबर अली का मामला मजदूरों की सुरक्षा के लिए मिसाल बनेगा या फिर बाकी मामलों की तरह फाइलों में गुम हो जाएगा।

