हैरान कर देने वाली घटना: दूषित पेयजल पीने से तीन लोगों की मौत, 23 लोग अस्पताल में भर्ती

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नई दिल्ली। चेन्नई के पास पल्लवरम से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि यहां सीवेज से दूषित पेयजल पीने से तीन लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य बीमार हो गए। सभी बीमारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यम ने यह पुष्टि करने के लिए जांच के आदेश दिए हैं कि क्या पीने का पानी वास्तव में दूषित था। वहीं, इलाके के लोगों से पाइप से आने वाला पानी को न पीने के लिए कहा गया है।

जानकारी के अनुसार मलाइमेडु, मरिअम्मन कोविल स्ट्रीट और मुथलम्मन कोविल स्ट्रीट जैसे क्षेत्रों में सप्लाई में गंदा पानी आया, जिसके सेवन से कई लोग बीमार हुए हैं। सभी बीमारों को इलाज के लिए क्रोमपेट सरकारी सामान्य अस्पताल और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सीवेज के साथ मिश्रित पेयजल के कारण उत्पन्न हुई हैं। इस प्रदूषण के कारण क्षेत्र की जल आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। वहीं, तमिलनाडु के मंत्री टी.एम. अनबरसन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और तत्काल चिकित्सा शिविर स्थापित करने का आदेश दिया।

पीनी के पानी की हो रही जांच: टी.एम. अनबरसन

तमिलनाडु के मंत्री टी.एम. अनबरसन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और तत्काल चिकित्सा शिविर स्थापित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि 23 लोग बीमार पड़ गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पीने का पानी दूषित था या नहीं। इस बात की भी जाँच की जा रही है कि क्या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके द्वारा खाए गए भोजन के कारण उत्पन्न हुई हैं। यदि पानी दूषित होता, तो पूरा क्षेत्र प्रभावित होता।

विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल

वहीं, विपक्ष के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) ने मौतों पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रहने के लिए सत्तारूढ़ डीएमके सरकार की निंदा भी की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “लोगों को सुरक्षित पेयजल वितरित करना सरकार का कर्तव्य है। उन्हें सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए थी कि क्या पेयजल की आपूर्ति ठीक से हो रही है और पेयजल और सीवेज पाइपों के बीच कोई संदूषण नहीं है, खासकर चक्रवात के आने के बाद।” वहीं, उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मैं एमके स्टालिन की सरकार की इस लापरवाही की कड़ी निंदा करता हूं, जिसने लोगों की जान जोखिम में डाल दी।

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