नई दिल्ली। केंद्रीय बजट से पहले शेयर बाजार में जबरदस्त दबाव देखने को मिला। रविवार, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने से पहले ही निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका असर सीधे बाजार पर दिखा।
बीएसई सेंसेक्स 570 अंक टूटकर 81,770 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 156 अंक गिरकर 25,186 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी बैंक में भी करीब 168 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स के टॉप-30 शेयरों में से सिर्फ 7 शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 23 शेयरों में तेज गिरावट आई। मारुति, बीईएल और इंडिगो जैसे शेयरों में करीब 3 फीसदी तक की कमजोरी दिखी। वहीं एलएंडटी, टाटा स्टील और एनटीपीसी में लगभग 2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
ऑटो, एफएमसीजी, हेल्थकेयर, फार्मा, आईटी और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
क्यों टूटा शेयर बाजार?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत-यूरोपीय यूनियन ट्रेड डील के बावजूद बाजार में गिरावट की मुख्य वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और बीते दो सत्रों की तेजी के बाद मुनाफावसूली है।
इसके अलावा, रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपया 92 के स्तर के पार चला गया है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और कमजोर हुआ। बजट से पहले निवेशक भी सतर्क नजर आ रहे हैं और सोना-चांदी व अन्य सेफ एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।
इन शेयरों में आई तगड़ी गिरावट
• हेरिटेज फूड्स: 8% से ज्यादा गिरावट
• फाइव स्टार बिजनेस: 5.55% नीचे
• वैभव ग्लोबल: 5% गिरा
• मोतिलाल ओसवाल फाइनेंस: 5% कमजोरी
• एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस: 3% से ज्यादा गिरावट
• रिलायंस पावर, सैजिलिटी इंडिया: करीब 3% टूटे
निवेशकों को बड़ा झटका
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी कमजोरी रही। बुधवार को बीएसई का कुल मार्केट कैप 459 लाख करोड़ रुपये के पार था, जो गिरकर करीब 457 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ।
(नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, निवेश से पहले वित्तीय सलाह जरूर लें।)

