SUPREME COURT NOTICE : Supreme Court issues notice on creamy layer in SC/ST reservation
नई दिल्ली। SC/ST आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर सिस्टम लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है।
यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने दायर की है। उनका तर्क है कि जिन SC/ST परिवारों में किसी एक सदस्य को पहले ही सरकारी या संवैधानिक पद मिल चुका है, उनके बच्चों को फिर से उसी श्रेणी में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।
CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारों से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि आरक्षण का मकसद समाज के सबसे वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाना था, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में वही परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी इसका फायदा उठा रहे हैं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि इसका सीधा नुकसान उन लोगों को हो रहा है जो आज भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हैं, लेकिन उन्हें आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा।
गौरतलब है कि SC/ST वर्ग में क्रीमी लेयर लागू करने को लेकर यह बहस नई नहीं है। इससे पहले भी पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अगुवाई वाली संविधान पीठ में इस मुद्दे पर टिप्पणियां की जा चुकी हैं। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद यह मामला फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है।
अगली सुनवाई में यह तय हो सकता है कि क्या SC/ST आरक्षण व्यवस्था में भी ओबीसी की तरह क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू किया जाएगा या नहीं।
