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सतपाल मलिक ने सरकार पर किया पलटवार: बोले- जिस दिन से किसानों की लड़ाई चली है, उस दिन से इस्तीफा मेरी जेब में है

मेघालय : मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. राजपथ का नाम कर्तव्यपथ किए जाने के सवाल पर सत्यपाल मलिक ने कहाकि “राजपथ का नाम चेंज करने की मेरी दृष्टि में कोई ज़रूरत नहीं थी. क्योंकि यह कोई अंग्रेज़ों का दिया हुआ नाम नहीं था” पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सत्यपाल मलिक बोले कि “प्रधानमंत्री हर तीसरे दिन उद्घाटन करते हैं तो आज उन्होंने इसका भी कर दिया”

किसानों का मुद्दा उठाते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि ‘ये किसान कौम है जो 300 साल तक कुछ नहीं भूलती हैं, अभी MSP कानून दे दीजिए वरना एक बार फिर आंदोलन होगा। और इसबार मैं गवर्नर पद से देेेेकर किसानों के साथ खड़ा हो जाऊंगा।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि सरकार ने किसानों की एमएसपी की बात नहीं मानी तो किसानों और सरकार के बीच लड़ाई होगी। मैं उस लड़ाई में राज्‍यपाल पद से इस्तीफा देकर कूद पड़ूंगा। राज्यपाल ने अग्निवीर योजना को लेकर भी सवाल खड़ा किया। कहा कि किसान और जवान खुशहाल नहीं होंगे तो देश कैसे चलेगा।

राज्यपाल ने कहा कि मेरे पास कुछ नहीं है। अगर कुछ होता तो ईडी, इनकम टैक्स आ जाती। लेकिन हां, रिटायर होने के बाद औरों की जांच कराउंगा। मेरे पास बहुत मसाला है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने समारोह में कहा, प्रधानमंत्री से अगर मैं आज लड़ गया तो वो यही बूता था कि मेरे पास कुछ नहीं था। मैं श्रीनगर के दो मामलों के लिए प्रधानमंत्री के पास गया था। दोनों गलत थे, कैंसिल कर दिए। मुझे डेढ़-डेढ़ सौ करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश हुई थी। मुझे कुछ नहीं चाहिए। पांच कुर्ते-पायजामे में आया था। उसी में चला जाउंगा।

राज्यपाल ने कहा प्रधानमंत्री की तारीफ करुंगा
मैंने जब प्रधानमंत्री को दोनों केस बताया तो उन्होंने कहा कि करप्शन पर कोई कंप्रोमाइज नहीं। इसलिए इस मामले में प्रधानमंत्री की तारीफ करुंगा। सत्यपाल मलिक ने कहा, देश में आज किसानों और जवानों पर भारी संकट है। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार ने एमएसपी कमेटी का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया है। जिसने ये कानून बनाए। अगर ये एमएसपी लागू नहीं होती है तो मैं कहूंगा कि देश में बहुत बड़ी जंग किसानों और सरकार में छिड़ेगी। उन्होंने किसानों से कहा कि आप बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहें।

किसान और जवान दोनों को खुश रखे सरकार
अब फौज को बरबाद करने के लिए अग्निवीर योजना ले आए हैं। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। दिल्ली की सरकार को ये सोचना चाहिए कि किसान और जवान दोनों खुश रहें। मैंने बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारी तो मुझे कश्मीर भेज दिया गया। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने याद दिलाते हुए कहा कि कश्मीर को दो बार गूजरों ने बचाया। दोनों बार गूजरों ने भारतीय सेना को आकर बताया कि पाकिस्तान के लोग आ गए हैं। इन्हीं गूजरों की बदौलत हिन्दुस्तान दो बार बचा और जीत हुई।

राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ करने पर मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक सहमत नहीं दिखे। उन्होंने कहा, राजपथ का नाम चेंज करने की मेरी दृष्टि में कोई जरूरत नहीं थी। क्योंकि यह कोई अंग्रेजों का दिया हुआ नाम नहीं था। चूंकि प्रधानमंत्री कह रहे हैं, तीसरे दिन उदघाटन करते हैं तो आज उन्होंने इसका भी जवाब दिया।

राहुल गांधी के साथ मेरी शुभकामनाएं
राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। वो अच्छा कर रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल सत्यपाल सिंह मलिक ने कहा, एमएसपी को लागू न करने के बहुत सारे कारण हैं। अडानी ने पानीपत में बहुत बड़े गोदाम बना दिए हैं। बड़े पैमाने पर गेहूं खरीदकर उनमें डाल दिया है। वो चाहता है कि दाम बढ़े तो उसे बेचे।

इसलिए एमएसपी लागू नहीं हो पा रही। मैं किसानों से आह्वान करुंगा कि वो संघर्ष में दोबारा उतरें। उन्होंने कहा कि जिस दिन से किसानों की लड़ाई चली है, उस दिन से इस्तीफा मेरी जेब में है। लेकिन जिन्होंने मुझे बनाया है, वो अगर कह दें कि तुम्हारी बातों से हमें नुकसान हो रहा है, तो मैं एक मिनट में इस्तीफा दे दूंगा।

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