CG CONTROVERSY : Doctors’ protest intensifies after commissioner appoints lab technician as nodal officer
रायपुर/सरगुजा। सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा द्वारा तृतीय श्रेणी कर्मचारी (लैब टेक्नीशियन) राजेश गुप्ता को नर्सिंग होम एक्ट, P.C.P.N.D.T एक्ट और मलेरिया का संभागीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने पर डॉक्टरों में भारी नाराज़गी है। इस नियुक्ति पर CIDA (छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन) ने गंभीर आपत्ति जताते हुए कमिश्नर को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
CIDA ने कहा
CIDA के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इकबाल हुसैन ने पत्र में उल्लेख किया है कि संभागीय नोडल अधिकारी का पद पूर्णत: मेडिकल कैडर के लिए आरक्षित है। ऐसे में लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति न केवल विभागीय पात्रता के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पद की गरिमा भी कम करता है।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कमिश्नर के आदेश में लैब टेक्नीशियन के आगे ‘डॉक्टर’ लिखा गया है, जो गलत प्रस्तुतीकरण है और जांच का विषय है।
डॉक्टरों ने उठाए सवाल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नर्सिंग होम एक्ट और P.C.P.N.D.T एक्ट के तहत नोडल अधिकारी नियुक्त करने का अधिकार केवल स्वास्थ्य संचालनालय और CMHO को होता है। संभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी बनाने का अधिकार कमिश्नर को नहीं है।
इसी आधार पर डॉक्टरों ने इस आदेश को ‘अधिकार क्षेत्र से बाहर’ और ‘प्रोटोकॉल विरोधी’ बताया है।
राजेश गुप्ता का विवादित इतिहास
लैब टेक्नीशियन राजेश गुप्ता को 2022 में तत्कालीन CMHO ने जिला मलेरिया अधिकारी का प्रभार दिया था। डॉक्टरों की आपत्ति के बाद 2023 में उन्हें मूल पद पर लौटाने का आदेश जारी हुआ, लेकिन उन्होंने हाई कोर्ट से स्टे ले लिया और अब भी पद पर बने हुए हैं।
ऐसे में अब उन्हें संभागीय नोडल अधिकारी बनाए जाने से डॉक्टरों में आक्रोश और बढ़ गया है।
कमिश्नर उपलब्ध नहीं, JD ने कहा
मामले में प्रतिक्रिया के लिए सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा से संपर्क नहीं हो सका। वहीं स्वास्थ्य विभाग के जेडी डॉ. अनिल शुक्ला ने बताया कि वे फिलहाल अवकाश पर बाहर हैं।
