PM MODI JINPING MEETING : Modi-Jinping face to face after Galwan!
रायपुर। गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। भारत मंडपम में दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक बैठक चली।
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बैठक के दौरान पीएम मोदी ने चीन की ओर से भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान मिले समर्थन और सहयोग के लिए आभार जताया। मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा का यह अवसर महत्वपूर्ण है और उन्होंने जिनपिंग का भारत में स्वागत किया।
वहीं शी जिनपिंग ने कहा कि चीन हमेशा भारत के साथ संबंध बेहतर बनाए रखने का समर्थन करता रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की राष्ट्रीय परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन दोनों एक-दूसरे की खूबियों से सीख सकते हैं और एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं।
जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आए हैं। इससे पहले वह 11 अक्टूबर 2019 को भारत आए थे। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था।
हालांकि सीमा पर तनाव के बावजूद भारत और चीन के बीच कारोबार जारी रहा। 2020-21 में चीन से भारत का आयात करीब 65 अरब डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 132 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया।
भारत में मोदी-जिनपिंग की पिछली मुलाकातें
2019 में शी जिनपिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम पहुंचे थे। पीएम मोदी ने उनके साथ पंच रथ और शोर मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया था और दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई थी।
2016 में गोवा में BRICS सम्मेलन के दौरान भी मोदी और जिनपिंग की मुलाकात हुई थी।
वहीं सितंबर 2014 में जिनपिंग की भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल से हटकर अहमदाबाद में उनका स्वागत किया था। साबरमती नदी के किनारे दोनों नेताओं की झूला झूलते हुए तस्वीरें भी काफी चर्चित हुई थीं।
