PETROL-DIESEL TAX: Government faces ₹1 lakh crore loss!
PETROL-DIESEL TAX: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया बढ़ोतरी को बनाए रखने के लिए संतुलित तरीके से तैयार की गई है।
डीजल और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती से सरकार को 1 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान होगा।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ उर्वरक की कीमतें भी रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई हैं, जबकि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी क्षेत्र पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं।
वित्तमंत्री ने आगे कहा कि ऐसे समय में ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा (3F) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और पीएम मोदी की भी यही अपील।
कुछ लोग स्थिति को लेकर यह दावा कर रहे हैं कि सब कुछ बर्बाद हो रहा है, जो सही नहीं है। सीतारमण ने कहा, “लोगों द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों को भुला दिया जाता है और एक निराशावादी व नकारात्मक माहौल बनाया जाता है, जो बिल्कुल उचित नहीं है।”
वित्त मंत्री ने कहा कि चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी कारणों से पैदा हुई हैं, जबकि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी पॉजिटिव और मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “भारत डर फैलाने की स्थिति में नहीं है। हमें अपने शब्दों और कामों से लोगों में विश्वास पैदा करना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) के 8.1 लाख करोड़ रुपये के लंबित भुगतान का मामला उनकी वर्किंग कैपिटल और वृद्धि को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने PSU से कहा कि वे MSME को भुगतान करने में 45 दिन की समय-सीमा से अधिक देरी न करें

