OUTCRY DUE TO FLOOD IN BIHAR: Uncontrollable rivers, sinking Bihar! Tragedy of people due to flood..
बिहार। बिहार में बाढ़ से हाहाकार है। राज्य के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 4 लाख से ज्यादा लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। कोसी, गंडक, बागमती और महानंदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। जल संसाधन विभाग ने कहा है कि अगले 48 घंटे बिहार में नदियों के जलस्तर को लेकर काफी अहम हैं। इधर मौसम विभाग ने कहा है कि राज्य में बारिश का प्रभाव कम होगा और तापमान बढ़ेगा। लोगों को अब उमस भरी गर्मी का एहसास होगा। रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद उपेंद्र कुशवाहा दूसरे चरण की बिहार यात्रा 17 अक्टूबर को और तीसरे चरण की यात्रा 24 अक्टूबर से शुरू करेंगे। बिहार में चाइल्ड हेल्पलाइन पर बच्चे नशे की लत छुड़वाने को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। बता दें कि यह हेल्पलाइन बालश्रम के खिलाफ बनाया गया है लेकिन इस हेल्पलाइन पर नशे की लत से परेशान बच्चे फोन कर रहे हैं।
बिहार में बाढ़ ने त्राहिमाम मचा रखा है। लोगों के घर पानी में डूबे हैं और कई जगहों पर तबाही का मंजर साफ तौर से नजर आ रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार आज से कोसी बेराज से छोड़ा गया पानी का असर कुरसेला में कोसी नदी में दिखने लगेगा। जबकि मंगलवार को गंगा नदी में गंडक नदी द्वारा छोड़ा गया पानी का असर दिखेगा। इधर कटिहार जिले में महानंदा नदी का जलस्तर पांच प्रखंड में बढ़ रहा है। 24 घंटे में महानंदा नदी का पानी नदी के डाउन स्ट्रीम अमदाबाद में न्यूनतम 17 और आजमनगर में अधिकतम 58 सेमी बढ़ गया है। जबकि नदी के अप स्ट्रीम झौआ में 56 सेमी बढ़ गया है। इससे कदवा, बलरामपुर के विभिन्न जगहों पर नदी का पानी फैलने लगा है।
कोसी बाराज के सभी फाटक खोल दिए जाने के बाद भागलपुर जिले में नवगछिया अनुमंडल के कोसी किनारे रहने वाले लोग दहशत में है। सोशल मीडिया पर डरावने वीडियो देखकर लोग रात-रात भर जग रहे हैं और कोसी नदी के किनारे जाकर पानी के स्तर को देख रहे हैं। कोसी नदी के आसपास निचले स्तर में जिनके घर हैं वे अपना घर छोड़कर जरूरी सामानों के साथ पलायन कर रहे हैं। रविवार को भागलपुर जिला अधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कोसी किनारे के चोरहर और विजय घाट इलाके का दौरा किया। फिलहाल कोसी नदी के जलस्तर में रविवार शाम तक कोई वृद्धि नहीं हुई, लेकिन नदी के जलस्तर में जो कमी हो रही थी वह रुक गई है और पानी स्थिर है। इससे लोगों में भय है कि पानी के जलस्तर में वृद्धि होगी।

