हैदराबाद, 6 नवंबर 2025। भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी (NMDC) ने अपने ‘परिवर्तन एवं नवाचार विभाग (Transformation & Innovation Department)’ की पहली वर्षगांठ धूमधाम से मनाई। इस विभाग की स्थापना 4 नवंबर 2024 को नवाचार को बढ़ावा देने और रणनीतिक परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से की गई थी।
मात्र एक वर्ष में ही यह विभाग एनएमडीसी की विकास यात्रा में “प्रेरक शक्ति” बन चुका है। इसने भारत के खनन उद्योग में पहली बार कई अत्याधुनिक तकनीकों को लागू किया है, जिससे कंपनी की संचालन दक्षता, स्थिरता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने कहा, “हमारा पहला वर्ष सीखने, नवाचार और परिवर्तन का रहा। टी एंड आई विभाग ने एनएमडीसी के भविष्य की नींव रखी है, एक ऐसा भविष्य जो खनन के तरीकों को तकनीक और उद्देश्य के साथ नए सिरे से परिभाषित करेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में कंपनी का फोकस नवाचार के माध्यम से वृद्धि को गति देना और भारत की औद्योगिक प्रगति में अपनी भूमिका को और मजबूत करना रहेगा।
पहले वर्ष में विभाग ने कई उपलब्धियां हासिल कीं –
- दोणिमलै पेलेट प्लांट का संचालन राजस्व साझा आधार पर
- डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का कार्यान्वयन
- डस्ट फेंसिंग और 190 टन डंपर के लिए इन-पिट क्रशिंग एंड कन्वेइंग सिस्टम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
- सभी इकाइयों में ऑटोमेटिक सैंपलिंग सिस्टम का कार्यान्वयन
वहीं किरंदुल, दोणिमलै और विशाखापट्टनम में चल रही कई अन्य परियोजनाएं अब अंतिम चरण में हैं।
‘परिवर्तन एवं नवाचार विभाग’ अब अपने दूसरे वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिसे कंपनी ने “एनएमडीसी 2.0 युग” की शुरुआत बताया है, एक ऐसा दौर जो तकनीक, मानव संसाधन और जिम्मेदार खनन के नए मानक स्थापित करेगा।

