प्रदुषण फ़ैलाने वाले 18 प्रतिष्ठानों पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का लगाया जुर्माना, प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

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देश में प्रदूषण ने गंभीर मोड़ ले लिया है। फिर चाहे वायु प्रदुषण, ध्वनि प्रदुषण हो या कोई और प्रदुषण। जिससे वातावरण में काफी गंदगी फ़ैल रही है। पूरा वातावरण दूषित हो रहा है। इससे बचने के लिए प्रशासन ने कुछ नई तरकीब लगाई है।

गाजियाबाद की आबोहवा बिगाड़ने वालों पर प्रशासन ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है. प्रदूषण (Delhi NCR Pollution) फैलाने पर गाजियाबाद प्रशासन ने 1.30 करोड़ जुर्माना ठोका है. गाजियाबाद प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदूषण फैलाने वाले 18 प्रतिष्ठानों पर 1.30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसमें दो बिल्डरों पर 50-50 लाख रुपये के जुर्माने के अलावा कनावनी में हिंडन पुस्ता रोड पर 11 भवन निर्माण सामग्री बिक्री करने वालों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी शामिल है.

प्रदूषण पर काबू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विभिन्न संस्थानों पर शनिवार को 1.30 करोड़ रुपये जुर्माने की सिफारिश की है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि प्रदूषण फैलाने वालों की जांच के लिए टीम जनपद में काम कर रही हैं.

इन पर हुई कार्रवाई
राजनगर एक्सटेंशन के महालक्ष्मी बिल्डटैक और इंदिरापुरम में एमीरियल हाइट पर प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर 50-50 लाख रुपये के जुर्माने की सिफारिश की गई है. कनावनी में हिंडन पुस्ता पर 11 भवन निर्माण सामग्री बेचने वालों पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है. इसी रोड पर धूल पाए जाने पर जीडीए और नगर निगम पर 50 हजार रुपये जुर्माने की सिफारिश की गई है. राजनगर एक्सटेंशन में पॉम ड्राइव, अजनारा फ्रेगरेंस, ग्रेंड प्लाजा और कैरोल इंफ्रा पर 5-5 लाख रुपये जुर्माने की सिफारिश की गई है.

दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बरकरार

दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को लगातार दूसरे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही और यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 342 दर्ज किया गया. गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और नोएडा में एक्यूआई सुबह नौ बजकर पांच मिनट पर क्रमश: 328, 340, 326 और 328 दर्ज किया गया. दिल्ली की वायु गुणवत्ता में रविवार को थोड़ा सुधार दिखा था हालांकि यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई थी.

राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 330 दर्ज किया गया था जो शनिवार को 473 था. यह सुधार हरियाणा और पंजाब में खेतों में पराली जलाए जाने के मामले काफी कम होने पर देखा गया था.

शून्य से 50 के एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है.

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