MAHARASHTRA MLC ELECTION RESULT: All NDA candidates won, Congress did cross voting.
लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को MLC चुनाव को लेकर वोटिंग हुई. शाम चार बजे तक हुई शत प्रतिशत वोटिंग के रिजल्ट अब सामने आ गए हैं. प्राथमिक तौर पर जो सामने आया है, उसके अनुसार NDA के सभी उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है.
किसके कितने उम्मीदवार जीते? –
दूसरी बड़ी बात यह है कि कांग्रेस के 7-8 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है. इसके साथ ही कांग्रेस के वोट बंट गए हैं. वहीं, शरद पवार खेमा अजित पवार खेमे का कोई वोट नहीं बांट सका है. इसके अलावा न तो यूबीटी सेना शिंदे सेना के वोटों को विभाजित कर सकी है. बता दें कि, महायुति के 9 उम्मीदवार मैदान में थे, जिन्हें जीत मिली है. 3 उम्मीदवार महाविकास अघाड़ी से जीते हैं तो वहीं, NCP अजित पवार के 2 प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई है.
कौन-कौन जीता, यहां देखें लिस्ट
बीजेपी
अमित गोरखे – 26 वोट से जीते
पंकजा मुंडे – 26 वोट से जीते
परिणय फुके – 26 वोट से जीते
योगेश टिलेकर – 26 वोट से जीते
कांग्रेस
प्रज्ञा सातव- 25 वोट से जीतीं
एनसीपी: (अजित पवार)
राजेश विटेकर – 23 वोट से जीते
शिवाजीराव गरजे- 24 वोट से जीते
शिवसेना शिंदे:
भावना गवली – 24 वोट से जीतीं
कृपाल तुमाने – 24 वोट से जीते
NDA गठबंधन और INDIA ब्लॉक के बीच शुक्रवार को एक और बड़ी सियासी जंग हुई, सूबे में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव हुए. इस चुनाव की खास बात यह है कि यहां 11 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में थे. चुनाव में वोटिंग पूरी हो गई है. सामने आया है कि शत प्रतिशत वोटिंग हुई है. शाम 5ः30 बजे के करीब मतगणना भी शुरू हो गई थी.
सुबह से मतदान शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चला. पक्ष-विपक्ष मिलाकर शत प्रतिशत वोटिंग हुई है. शिवसेना के संजय गायकवाड़ ने गुप्त मतदान प्रणाली के जरिए सबसे पहले वोटिंग की थी. इस बीच कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से मांग की थी कि वह बीजेपी विधायक गणपत गायकवाड़ को वोट ना डालने दें. कांग्रेस का कहना था कि गायकवाड़ शिवसेना नेता पर गोली चलाने के आरोपी हैं. इसलिए उन्हें मतदान में शामिल नहीं होने देना चाहिए.
एमएलसी चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के 37 में से 3 विधायक पार्टी की मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे. इनमें से एक जितेश अंतापुरकर कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आने वाले पूर्व सीएम अशोक चव्हाण के खास हैं. दूसरे विधायक का नाम जीशान सिद्धीकी है, जो हाल ही में अजित गुट में शामिल होने वाले बाबा सिद्धीकी के बेटे हैं.
तीसरे विधायक का नाम संजय जगताप हैं. हालांकि, वह ‘वारि’ (वार्षिक तीर्थयात्रा जुलूस) में शामिल होने गए हैं. वह जुलूस के साथ पंढरपुर जा रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि जगताप ने इस बारे में सूचना दे दी है. हालांकि, सुलभा खोडके, जिनके पति अजित पवार के करीबी सहयोगी हैं, और हीरामन खोसकर, जो एनसीपी के संपर्क में बताए जा रहे थे. दोनों बैठक में शामिल हुए हैं.
मुंबई में भारी बारिश, वोटिंग टालने की मांग
इस चुनाव से पहले एक बार फिर महाराष्ट्र में सियासी जंग शुरू हो गई थी. इस चुनाव में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी जोरों पर चल रही थी. दोनों गठबंधन अपने-अपने विधायक बचाने की कोशिशों में जुटे थे. इस चुनाव के बीच कुछ कई सवाल चर्चा में बने हुए थे. बता दें कि महाराष्ट्र में NDA गठबंधन को महायुति तो विपक्षी INDIA अलायंस को महाविकास अघाड़ी के नाम से जाना जाता है. मुंबई में भारी बारिश के बीच शिवसेना-UBT (उद्धव ठाकरे) के नेता मिलिंद नार्वेकर ने वोटिंग का समय बढ़ाने की मांग की थी. वहीं, एनसीपी (अजित पवार) के विधायक बस में सवार होकर होटल ललित से विधानसभा के लिए निकले थे.
NDA-INDIA किसने उतारे कितने प्रत्याशी?
महाराष्ट्र में शुक्रवार को विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव हुए, लेकिन इन पर मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों की संख्या 12 है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 9 प्रत्याशी उतारे तो वहीं विपक्षी INDIA ब्लॉक ने 3 उम्मीदवारों को खड़ा किया था.
BJP ने 5 तो शिंदे गुट ने उतारे 2 उम्मीदवार
बीजेपी ने इस MLC चुनाव में 5 उम्मीदवार उतारे थे. एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 2 उम्मीदवार उतारे. अजित पवार की एनसीपी ने भी 2 उम्मीदवार उतारे और बात INDIA ब्लॉक की करें तो कांग्रेस ने एक उम्मीदवार को उतारा. उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT ने भी एक उम्मीदवार को उतारा था, जबकि शरद पवार की एनसीपी ने अपना उम्मीदवार ना उतारकर भारतीय शेतकरी कामगार पार्टी के जयंत पाटील को समर्थन दिया है.
चुनाव से पहले जोरों पर रिजॉर्ट पॉलिटिक्स
विधान परिषद के चुनाव से पहले महाराष्ट्र में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स जोरों पर रहा. दोनों गठबंधनों को यह उम्मीद रही कि विधान परिषद के इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग का खेला हो सकता है. इसलिए महाराष्ट्र में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स चल रही है.
किन होटल्स में रुके हैं पार्टियों के नेता
1. बीजेपी- ताज प्रेसीडेंसी, कोलाबा
2. शिवसेना- ताज लैंड्स एन्ड, बांद्रा
3. शिवसेना (UBT)- ITC ग्रैंड मराठा, परेल
4. एनसीपी (AP)- होटल ललित, अंधेरी एयरपोर्ट
क्या कहता है विधान परिषद का नंबरगेम
विधानस परिषद चुनाव में नंबर गेम की बात करें कांग्रेस और बीजेपी को छोड़कर किसी भी दल के पास अपने प्रत्याशियों को जिताने के नंबर नहीं है. ऐसे में देखना है कि अजित पवार से लेकर एकनाथ शिंदे और शरद पवार से लेकर उद्धव ठाकरे तक किसके खेमे में सेंध लगेगी और कौन अपने विधायकों को बचाकर रख पाता है. इस वक्त महाराष्ट्र विधानसभा की मौजूदा स्थिति 274 है, इस लिहाज से एक एमएलसी सीट जीतने के लिए, प्रथम वरीयता के आधार पर कम से कम 23 विधायकों का समर्थन अनिवार्य है.
ऐसे समझिए MLC सीटों का पूरा कैलकुलेशन
बीजेपी के 103 विधायक हैं. अजित पवार की एनसीपी के पास 40 विधायक हैं और शिंदे की शिवसेना के 38 विधायक हैं. इसके अलावा एनडीए के अन्य सहयोगी दलों और निर्दलीय विधायकों को मिलाकर एनडीए के पास 203 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है. इस आधार पर सत्ताधारी दल अगर चार विधायकों का और समर्थन जुटा लेता है तो उसके सभी 9 एमएलसी प्रत्याशियों की जीत हो जाएगी, लेकिन उसके लिए अन्य छोटे दल हैं, उन्हें साधकर रखना होगा.
क्या है विपक्षी INDIA गठबंधन के हालात?
INDIA गठबंधन के पास 72 विधायकों का ही समर्थन है. इसमें कांग्रेस के 37 विधायक हैं. इसके अलावा उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 16 विधायक हैं. शरद पवार की एनसीपी के 12 विधायक हैं. समाजवादी के 2, सीपीएम के दो और 3 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन है. INDIA ब्लॉक विधायकों की संख्या के आधार पर तीनों सीटें जीत सकता है, लेकिन उसके लिए अन्य दलों के विधायकों को जोड़कर रखना होगा और कांग्रेस विधायकों के विश्वास को भी बनाए रखना होगा.
NDA को सिर्फ 4 विधायकों की जरूरत
विधायकों के आधार पर एनडीए को अपने 9 एमएलसी जिताने के लिए 4 विधायकों को समर्थन जुटाना होगा, जिसे लेकर शरद पवार और उद्धव ठाकरे ही नहीं कांग्रेस विधायकों पर भी क्रॉस वोटिंग का खतरा बना हुआ है. कांग्रेस की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है लेकिन असल चुनौती उद्धव ठाकरे और शरद पवार के प्रत्याशी की है. उद्धव और शरद ने अपने-अपने करीबी नेताओं को चुनाव में उतार रखा है. अपने विधायकों के आधार पर न उद्धव ठाकरे के करीबी की जीत नजर आ रही है और न ही शरद पवार के सिपहसालार की. इस तरह दोनों दलों की जीत का आधार कांग्रेस पर टिका है. INDIA ब्लॉक में सबसे बड़े दल के तौर पर कांग्रेस है. 37 विधायकों वाली कांग्रेस का उम्मीदवार जीतने के बाद, उसके पास 14 वोट और बचेंगे. शरद पवार के पास फिलहाल 12 विधायकों का फिलहाल समर्थन है. प्रत्याशी जिताने के लिए 23 वोट चाहिए, इसलिए उन्हें अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए 11 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी.

